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Mukhtar Ansari : मऊ से लेकर आजमगढ़ तक यूपी पुलिस के इस IPS ने कसी माफिया के नेक्सेस पर नकेल

Mukhtar Ansari : वाराणसी, मऊ, गाजीपुर और आजमगढ़ के साथ प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी मुख्तार पर मुकदमे हैं। बाराबंकी में भी एम्बुलेंस मामले में सुनवाई चल रही है।

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Mukhtar Ansari

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Mukhtar Ansari : माफिया मुख्तार की जरायम की दुनिया के साथ ही साथ राजनीतिक गलियारे में पकड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस हार्डकोर अपराधी के ऊपर कुल 61 मुकदमें ही अभी तक दर्ज हुए हैं। इसके बावजूद कल अवधेश राय हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाने वाले IS-191 गैंग के सरगना मुख्तार के गैंग की कमर और उसके गुर्गों पर उत्तर प्रदेश के तेज तरार आईपीएस अनुराग आर्या ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पहले मऊ में एसपी रहते हुए और मौजूदा समय में आजमगढ़ के एसपी अनुराग ने मुख्तार गुर्गों पर कार्रवाई कर गैंग की कमर तोड़ दी है।

2020 में मऊ में दर्ज हुआ था मुकदमा

माफिया मुख्तार की राजनीतिक पकड़ और हनक का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि साल 2014 से लेकर 2020 तक उसपर मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़ में एक भी मुकदमें दर्ज नहीं हुए थे। साल 2020 में मऊ के तत्कालीन एसपी अनुराग आर्या ने पूर्वांचल में 6 साल बाद मुख़्तार पर दक्षिण टोला थाने पर मुकदमा दर्ज करवाया। इस मुकदमें के बाद अनुराग आर्य ने मुख्तार और उसके गैंग को संभलने का मौका नहीं दिया।

दर्ज कराए 26 गैंगस्टर एक्ट में मुकदमें

एसपी अनुराग आर्य ने मऊ एसपी के पद पर रहते हुए। माफिया मुख्तार के 26 गुर्गों पर गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमे दर्ज कराए और इसमें कई पर प्रभावी कार्रवाई भी हुईं। इन मुकदमों से हताश मुख्तार के गुर्गों ने आपराधिक घटनाओं से किनारा कर लिया।

शार्प शूटरों पर प्रभावी कार्रवाई

अनुराग आर्य ने यहां एसपी रहते हुए पूरे पूर्वांचल में दहशत का पर्याय बने मुख्तार के शूटरों के विरुद्ध अभियान शुरू किया और उनपर लगातार कार्रवाई की। इसी क्रम में चिरैयाकोट थानाक्षेत्र में मुख्तार के शार्प शूटर अनुज कनौजिया का मकान भी गैंगेस्टर एक्ट में जमीदोज किया था।

32 साल पुराने मामले में कल हुई है उम्र कैद की सजा

मुख़्तार अंसारी को कल ही वाराणसी एमपी/एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश अवनीश गौतम ने सजा सुनाई है। इसमें उम्र कैद के साथ 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इस सजा के बाद मुख़्तार के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बता कही है। अवधेश राय हत्याकांड में कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।