
बहराइच. यूपी के DGP की तरफ से हर्ष फायरिंग की घटना पर सख्ती से लगाम कसने के लिये पूर्व में जारी किए गए सख्त फरमान पर पुलिसिया हीलाहवाली का रवैया एक बार फिर शादी विवाह जैसे तमाम मांगलिक समारोह के दौरान वारदातों का सिलसिला बड़ी तेजी के साथ सामने आना शुरू हो गया है। जिसका जीता जागता उदाहरण लखीमपुर और कानपुर जैसे शहरों से ताबडतोड़ हादसों के रूप में सामने आ चुका है। जबकि हर्ष फायरिंग जैसी संगीन घटना को लेकर UP के DGP का साफ सर्कुलर है कि जिस क्षेत्र से हर्ष फायरिंग की घटना सामने आएगी उस परिक्षेत्र के थानाध्यक्ष व बीट इंचार्ज की लापरवाही मानते हुए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाएगा। उसके बावजूद हर्ष फायरिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर UP पुलिस की लापरवाही का सिलसिला किसी माईने में खत्म होने का नाम नहीं ले रहा और जब पुलिसिया हीलाहवाली के चलते हर्ष फायरिंग जैसी गंभीर घटना कभी अचानक सामने आ जाती है तो जिम्मेदार अपना दामन बचाने के लिये तरह तरह का पैतरा आजमाकर मामले पर पर्दा डालने का काम बड़ी चालाकी से करने में जुटे रहते हैं।
कुछ ऐसा की ताजा प्रकरण बहराइच जिले के रिसिया थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां के लखैया जदीद गांव में बीते शुक्रवार को आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में द्वारपूजा के दौरान मौके पर मौजूद लोग अचानक हर्ष फायरिंग करने लगे। इस दौरान हर्ष फायरिंग की घटना में द्वारपूजा का कार्यक्रम करा रहे 60 वर्सीय उमाशंकर शर्मा नाम के पुजारी और 65 वर्सीय नाई जाबिर को फायरिंग के दौरान छर्रे लग गए जिन्हें आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ितों ने साफ तौर पर बताया कि मौके पर हुई फायरिंग में उनको छर्रे लगे हैं। पीड़ितों की तहरीर में इस बात का साफ तौर पर उल्लेख है कि मौके पर हुई हर्ष फायरिंग में पुजारी और नाई को छर्रे लगे हैं। वहीं इस संगीन घटना रफा दफा करने के इरादे से थानाध्यक्ष रिसिया ने हर्ष फायरिंग की घटना को आतिशबाजी की घटना करार देते हुए हल्की धाराओं में FIR दर्ज कर मामले पर पर्दा डालने का काम कर दिखाया।
Published on:
01 May 2018 02:41 pm

बड़ी खबरें
View Allबहराइच
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
