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IG की बड़ी कार्रवाई, एक लाख रिश्वत लेने के आरोप में थानाध्यक्ष समेत 3 सस्पेंड, पीड़ित को पैसे कराया वापस

बहराइच जिले में पुलिस की वर्दी एक बार फिर दागदार हो गई। अपहरण के मामले में एक लाख की रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने का खुलासा होने के बाद IG ने थानाध्यक्ष समेत 3 पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया है। जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

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IG अमित पाठक फोटो सोर्स विभाग

IG अमित पाठक फोटो सोर्स विभाग

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में अपहरण के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस पर गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया है। एक लाख रुपये रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने के मामले में थानाध्यक्ष मटेरा समेत तीन पुलिसकर्मियों को IG ने सस्पेंड कर दिया गया है।

बहराइच जिले के थाना मटेरा क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि गजेन्द्र सिंह पुत्र स्वर्गीय फूल सिंह, निवासी सिक्खनपुरवा थाना रिसिया, जनपद बहराइच ने कोलकाता की रहने वाली एक युवती का अपहरण किया था। अपहृत युवती को उसने अपने बहनोई मुनीजर सिंह पुत्र स्वर्गीय हरजीत सिंह के घर, ग्राम धनौली गौरा थाना मटेरा में रखा था। इस मामले में पश्चिम बंगाल के थाना मध्यमग्राम, जिला नार्थ 24 परगना में वर्ष 2025 में अपहरण से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया था।

हेल्पलाइन पर हुई थी शिकायत जांच में आरोपो की हुई पुष्टि

अपहृता की बरामदगी के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से थाना मटेरा पहुंची। संयुक्त कार्रवाई में युवती को मुनीजर सिंह के घर से सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद अभियुक्त गजेन्द्र सिंह और मुनीजर सिंह को थाना मटेरा लाया गया। आरोप है कि इसी दौरान थाना मटेरा के थानाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बौद्ध, उपनिरीक्षक विशाल जायसवाल और आरक्षी अवधेश यादव ने मुनीजर सिंह से एक लाख रुपये लेकर उसे थाने से छोड़ दिया। इस रिश्वतखोरी की शिकायत मुनीजर सिंह ने देवीपाटन परिक्षेत्र के भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन नंबर पर की थी।

भ्रष्टाचार निरोधी सेल से IG ने कराई गोपनीय जांच

शिकायत मिलने के बाद पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र के भ्रष्टाचार निरोधी सेल ने गोपनीय जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। विस्तृत जांच के बाद भी रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। जिसके बाद दोषी पुलिसकर्मियों ने पीड़ित पक्ष को पैसा वापस किया। मामले में दोषी पाए जाने पर तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।