12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहले बारिश से खराब हुई फसलें, अब बिजली विभाग ने थमाया दोगुना बिजली बिल-

किसानों के साथ बिजली विभाग की सामने आ रही मनमानी- फिर संकट में अन्नदाता, शिकायत के बावजूद भी नहीं हो रही सुनवाई बालाघाट और परसवाड़ा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का मामला

3 min read
Google source verification
किसानों के साथ बिजली विभाग की सामने आ रही मनमानी-

किसानों के साथ बिजली विभाग की सामने आ रही मनमानी-

पहले खाद, बीज की कमी फिर बेमौसम बारिश से परेशान किसानों पर अब बिजली विभाग की मनमानी दुबले पर दो आषाण वाली कहावत चरितार्थ कर रही है। दरअसल जिले की बालाघाट और परसवाड़ा विधानसभा के कुछ ग्रामों में बिजली विभाग ने किसानों को दोगुना बिजली बिल जारी कर दिया है। बिजली बिल देखकर किसानों में बेजा आक्रोश और बिजली विभाग के प्रति नाराजगी है।
किसानों के अनुसार उन्होंने एक एचपी मोटर के लिए कनेक्शन लिया है। लेकिन उन्हें दो एचपी मोटर का बिल देकर बिल जमा करने दवाब बनाया जा रहा है। इस तरह के मामले बालाघाट विस के कुम्हारी, समनापुर और परसवाड़ा विस क्षेत्र के खुरसोड़ा, खर्रापोला, बुढिय़ा गांव, मुरझड़ सहित अन्य गांव से सामने आए हैं।

यह है पूरा मामला

परसवाड़ा विस के किसान भुनेश्वर आंबिलकर, ईशनलाल लिल्हारे सहित अन्य ने बताया कि पिछले कई वर्षो से उन्होंने खेत में फसल की सिंचाई के लिए टीसी कनेक्शन के माध्यम से सिंगल फेस का कनेक्शन लिया हुआ है। इस कनेक्शन से एक हार्स पॉवर की मोटर ही चल पाती है। अब तक सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन अक्टूबर माह से बिजली विभाग जो बिल जारी कर रहा है वह दो एचपी और उससे अधिक की मोटर के हिसाब से यानि दो से ढाई गुना बिजली बिल भेज रहा है। इस राशि को जमा करने दबाव भी बनाया जा रहा है। इस तरह की मनमानी कर किसानों का शोषण किया जा रहा है।

पहले ही परेशान चल रहे किसान

बेमौसम बारिश से धान की फसल बर्बादी का दंश झेल रहे किसान अब सदमे में है। कर्ज चुकाने से लेकर लेनदेन, शादी विवाह, बच्चों की पढ़ाई लिखाई जैसी जिम्मेदारी के निर्वहन को लेकर भारी तनाव में भी है। ऐसे में किसानों को शासन प्रशासन से राहत की उम्मीद है। लेकिन पीडि़त किसानों के बीच तनाव की इस घड़ी में बिजली विभाग मनमान पर उताऊ हो गया है। दो से ढाई गुना बिजली बिल जारी कर किसानों को और तनाव में लाने का काम किया जा रहा है। किसान वर्ग स्वयं को पूरी तरह से असहाय महसूस कर रहा है।

10 हजार तक जारी किए बिल

किसानों के अनुसार इस बार बिजली विभाग ने पांच से दस हजार रुपए तक के बिजली बिल जारी किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से मुरझड़ के किसान को 6970 रुपए, फेंकनलाल पटले को 7547 रुपए का और बुढिय़ा गांव के किसान राजेश मेश्राम जिसने अपनी पत्नी के नाम से कनेक्शन लिया हुआ है उसे 10247 रुपए का बिजली बिल जारी किया गया है। किसानों का कहना है कि उनके खेतों में उतना वॉटर लेवल ही नहीं है कि दो हार्स पॉवर की मोटर पानी खींच पाए। एक हार्स पॉवर की मोटर का उपयोग उन्होंने किया है। उसमें भी पकी फसल पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। उनके पास साल भर के राशन पानी तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वे इतनी बड़ी राशि कैसे जमा कर पाएंगे। उन्होंने शासन प्रशासन की रियायत की उम्मींद जताई है।

इनका कहना है।
हमारे घर में दो कनेक्शन है। पिछले 10 सालों से एक एचपी का ही बिल आ रहा था। लेकिन इस बार बिजली वालों ने दो एचपी का बिल दे दिए हैं। हमारे यहां एक एचपी की मोटर चल रही है, तो दो एचपी का कैसे बिल जमा करने कहा जा रहा है। उपर से ही आदेश होने की बात कहकर दवाब बनाया जा रहा है।
भुनेश्वर आंबिलकर, किसान खुरसुड़ा

किसान पहले से ही सदमें में है, उस पर बिजली विभाग की मनमानी किसानों को आत्म हत्या करने प्रेरित कर रही है। हमने उतनी बिजली ही उपयोग नहीं की है तो विभाग कैसे अपनी मर्जी से मनमानी बिल जारी कर रहा है। किसानों का कहर तरफ से मरना हो रहा है।
ईशनलाल लिल्हारे, किसान खुरसुड़ा

हमने फसल बीमा करवाए हैं। लेकिन आज तक कोई क्षतिग्रस्त फसलें चेक करने नहीं आया है। फसल बीमा से लाभ ही नहीं हो रहा है, तो हम क्यों फसल बीमा करवाएं। अभी तक कोई राशि नहीं मिली है। यह सब किसानों को परेशान करने का तरीका है। मेरा 7547 रुपए का बिल जारी किया गया है। इतना पैसा कहां से लाएंगे।
फेंकनलाल पटले, किसान मुरझड़

मप्र बिजली विभाग की नीतिया गलत है। इसका हर्जाना किसानों को भुगतना पड़ता है। टीसी कनेक्शन के माध्यम से सिंगल फेस का कनेक्शन लेने पर किसानों को दो से तीन फेस का बिल लिया जाना तानाशाही है। इसको लेकर हम बिजली विभाग के खिलाफ सदन में आवाज उठाएंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा।
मधु भगत, विधायक परसवाड़ा