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सीएससी से वेतन की आस में महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र संचालक

न्यायालय के आदेश के बाद सीएससी और पंचायत राज संचनालय के पत्राचार में असमंजस की स्थिति

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सीएससी से वेतन की आस में महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र संचालक

सीएससी से वेतन की आस में महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र संचालक

बालाघाट/लालबर्रा. जिले सहित प्रदेश की 5000 ग्राम पंचायतों के महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र संचालक 29 माह के लंबित वेतन की आस में है। इस मामले पर ग्राम पंचायत कम्प्युटर आपरेटर कल्याण संगठन ने उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक 16507/2022 दायर की है। न्यायालय ने 17 अगस्त 2022 को संज्ञान लेकर मामले का निराकरण करने पंचायत राज संचनालय को 60 दिवस के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। पंचायत राज संचनालय ने आज दिनांक तक नियमानुसार देयक प्रस्तुत नहीं करना बताकर, सीएससी इंडिया लिमिटेड को सूचनार्थ एवं पालनार्थ का पत्र प्रेषित कर दिया है। लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। अब संचालक न्यायालय के माध्यम से ही निराकरण की आस में हैं।
दिसंबर तक 74 करोड़ का बकाया
सीएससी ने अपने पत्र के हवाले में बताया कि महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र का दिसंबर 2021 तक 741179950 रुपए का बकाया है, जिसका भुगतान एवं भुगतान के दिशा निर्देश आज दिनांक तक विभाग में लंबित है। इस संबंध में सीएससी ने पंचायत विभाग को कई बार पत्र के माध्यम से भुगतान हेतु अनुरोध किया जाना बताया जा रहा है, वहीं मामले की स्थिति को समझते हुए परियोजना का संज्ञान लेकर सीएससी के लंबित भुगतान को शीघ्र करवाने तथा बकाया माह के भुगतान हेतु दिशा निर्देश जारी करने का लेख है।
असमंजस की स्थिति हो रही निर्मित
महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र संचालकों के मानदेय के संबंध में ग्राम पंचायत कम्प्युटर आपरेटर कल्याण संगठन मप्र ने याचिका दायर कर निराकरण करने की मांग की। पंचायत राज संचनालय ने अपने आदेश में बताया है कि सीएससी ई गर्वेनेंस इंडिया ने नियमानुसार देयक प्रस्तुत नहीं किया है। वहीं सीएससी ने 14 दिसंबर को अपने जवाब में अगस्त 2021 से अक्टुबर 2021 तक इनवाईस नंबर सहित देयक प्रस्तुत कर दिए जाने का उल्लेख किया है। ऐसे में न्यायालय और केन्द्र संचालक दोनों ही भ्रमित हो रहे हैं। जिनका कहना है कि सभी कार्रवाई पूरी हो चुकी है तो आखिर उन्हें भुगतान क्यो नहीं किया जा रहा है।