8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दुकानदारों का रोजी-रोटी का संकट दूर होने का सपना अधर में लटका

दो वर्ष बाद भी दुकानों का नहीं हुआ आवंटन जनपद पंचायत को भी हो रही राजस्व की हानि

2 min read
Google source verification
दो वर्ष बाद भी दुकानों का नहीं हुआ आवंटन

दो वर्ष बाद भी दुकानों का नहीं हुआ आवंटन

जनपद खैरलांजी ने तीन वर्ष पूर्व स्थानीय फुटकर व्यापारियों की दुकानें हटाकर टेंडर प्रक्रिया के तहत जनपद प्रांगण में काम्प्लेक्स का निर्माण करवाया। काम्पलेक्स निर्माण के बाद स्थानीय व्यापारियों में खुशी थी कि उनकी रोजी-रोटी का संकट दूर हो जाएगा। लेकिन उनका यह सपना, सपना ही बना हुआ है। काम्पलेक्स के कमरों का आवंटन नहीं हो पाया है। जनपद को भी लाखों रुपए के राजस्व की नुकसानी उठानी पड़ रही हैं।

बताया गया कि जनपद ने परफारमेंस ग्रांट मद की करीब 75 लाख की राशि इस काम्पलेक्स का निर्माण करवाया है। इसमें 25 कमरे बनाए गए हैं। लेकिन एक का भी आवंटन नहीं हो पाया है।

2022 में हुआ था निर्माण पूर्ण

जनपद खैरलांजी के प्रांगण में कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक 2 बालाघाट के द्वारा शापिंग काम्पलेक्स निर्माण वर्ष 2022 में किया गया। जिसकी नीलामी की प्रक्रिया अब तक पूरी होकर दुकानदारों को शापिंग काम्प्लेक्स में उनकी नियत दुकानों को संचालित करने के लिए दे दिया जाना था। लेकिन उन दुकानों को अब तक आवंटित नहीं किया जाना, स्थानीय शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

दुकानदारों को लगी है आस

लाखों रुपए से निर्माण किए गए शापिंग काम्पलेक्स के गुलजार नहीं होने का कारण समझ से परे है। बीते तीन सालों से दुकानदार फुटपाथ पर दुकानें लगाने मजबूर है। स्थानीय दुकानदार पप्पू लिल्हारे, देवेन्द्र लिल्हारे, चतुर्भुज रनगड़े, गन्ना बहेटवार, टेकचन्द रनगड़े, छन्ना सूर्यवंशी, आरके टेलर व अन्य दर्जनों दुकानदारो का कहना है कि पहले भी दुकानें व्यवस्थित थी। लेकिन जनपद ने नोटिस दिया और एक साथ सभी दुकानों को जमींदोज कर दिया गया। साथ ही आश्वासन दिया गया था कि 6 महीने के भीतर नए काम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। जिनकी दुकानें टूटी है, उन्हें प्राथमिकता देकर सौंप दिया जाएगा।

वर्षो बाद भी दुकानों की नीलामी नहीं

अब तक शापिंग काम्प्लेक्स की दुकानें आवंटित नहीं की गई है। जिनकी दुकानें टूटी थी, उनमें से कुछ दुकानदारों ने दुकान लगाना बंद कर दिया है, कुछ लोगों ने फुटपाथ पर ही दुकान लगा ली है। दुकानों के लगने से सडक़ पर यातायात की समस्या बढ़ गई है। स्थायी दुकान लगाने वालों के व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा हैं। पहले के मुकाबले व्यवसाय में बिक्री कम हो गई है। अब व्यवसायी चाहते हंै कि जो काम्प्लेक्स बन चुका हैं, उनमें जिनकी दुकानें तोड़ी गई हैं, उन्हें कमरे दिए जाए।
वर्सन
शापिंग काम्प्लेक्स कभी भी धराशाही हो सकता है। दीवारों के साथ कमरों का भी प्लास्टर दम तोड़ रहा है। ठेकेदार जर्जर काम्प्लेक्स को छुपाने और दबाने का प्रयास कर रहा है। इन सब के बावजूद शिकायतों को नजर अंदाज कर काम्प्लेक्स की नीलामी की प्रक्रिया की जा रही है।
दुर्गाप्रसाद लिल्हारे, जनपद उपाध्यक्ष

काम्प्लेक्स की दुकानों की नीलामी की ऑनलाइन प्रक्रिया की जाना है। जिसकी कार्रवाई जारी हैं।
दीक्षा जैन, प्रभारी सीईओ जनपद खैरलांजी