बालोद

नए शिक्षण सत्र की शुरुआत: पहले दिन स्कूल पहुंचे बच्चे, अपने दोस्तों से मिलने पर चेहरे पर दिखाई दी खुशी

सोमवार से नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो गई है। जिला मुख्यालय सहित जिले के स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाया गया। पहले दिन स्कूलों में अभिभावकों व बच्चों की चहल-पहल देखी गई। लंबे समय बाद बच्चे स्कूल गए तो उनके चेहरे पर खुशी दिखाई दी। काफी दिनों बाद अपने दोस्तों से मुलाकात होने पर खुशियां भी मनाई। वहीं बच्चों के बिना बेरौनक स्कूलों में रौनक आ गई।

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पाठ्यपुस्तक के साथ नवप्रवेशी विद्यार्थी

बालोद. सोमवार से नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो गई है। जिला मुख्यालय सहित जिले के स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाया गया। पहले दिन स्कूलों में अभिभावकों व बच्चों की चहल-पहल देखी गई। लंबे समय बाद बच्चे स्कूल गए तो उनके चेहरे पर खुशी दिखाई दी। काफी दिनों बाद अपने दोस्तों से मुलाकात होने पर खुशियां भी मनाई। वहीं बच्चों के बिना बेरौनक स्कूलों में रौनक आ गई। लंबे समय बाद स्कूलों की घंटी भी सुनाई दी। बच्चों को तिलक लगाकर, मुंह मीठा कराकर, गणवेश व पाठ्यपुस्तक वितरण कर प्रवेश दिया गया। हालांकि सोमवार सुबह से तेज बारिश के चलते प्रवेश उत्सव फीका रहा।

पहला दिन स्कूल में बैंच-टेबल को व्यवस्थित करने में बीता
शिक्षण सत्र का पहला दिन स्कूल में बैंच-टेबल को व्यवस्थित करने एवं प्रवेश उत्सव में ही बीता। जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल केपी साव ने सभी बच्चों एवं नव प्रवेशी बच्चों को भी नए शिक्षण सत्र की बधाई दी। वहीं जिले भर के शासकीय व निजी स्कूलों के प्राचार्यों को शासन के नियमों का पालन करते हुए पढ़ाई सत्र शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।

कहीं खीर पूड़ी, कहीं मिठाई का वितरण
नए शिक्षण सत्र के पहले दिन कई स्कूलों में शिक्षकों व शाला प्रबंध समितियों ने बच्चों का मुंह मीठा कराकर व कई स्कूलों में माध्याह्न भोजन में खीर पूड़ी खिलाई। जिले के कई स्कूलों में उत्साह पूर्व प्रवेश उत्सव मनाया गया। नव प्रवेशी बच्चों का स्वागत भी प्रबंधन ने किया।

तेज बारिश के कारण उपस्थिति रही कम
सोमवार सुबह से ही तेज बारिश के कारण लोग अपने घरों में दुबके रहे। बारिश का असर स्कूलों में भी देखने को मिला। स्कूल तो खुल गए, लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। हालांकि अभी स्कूलों में प्रवेश का सिलसिला चलता रहेगा। आने वाले एक सप्ताह तक स्कूलों में उपस्थिति कम रहेगी, उसके बाद उपस्थिति बढ़ेगी।

पहले दिन दोस्त यार, सहपाठियों से मिले विद्यार्थी
शिक्षण सत्र के पहले दिन बच्चे स्कूलों में अपने सहपाठियों से मिले। लंबे समय बाद स्कूल में मिलने से गर्मी छुट्टियों में बिताए पल के बारे में चर्चा की। वहीं अब पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

स्कूलों में पर्याप्त सुविधाएं
जिला शिक्षा अधिकारी केपी मुकुल साव ने कहा कि जिले में नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो चुकी है। सभी स्कूलों में पर्याप्त सुविधाएं हैं। सभी स्कूली व नवप्रवेशी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामाएं। स्कूलों में पढ़ाई के लिए व्यवस्थाएं करा दी गई है।

शाला त्यागी, अप्रवेशी, पलायन करने वाले बच्चों को चिन्हांकित कर शाला में प्रवेश दिलाया जाएगा
जिला मिशन संचालक अनुराग त्रिवेदी ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार 26 जून से 15 जुलाई तक जिले के सभी 816 प्राथमिक शाला सहित 410 पूर्व माध्यमिक शाला एवं 173 हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव का मनाया जाएगा। 6 से 11 एवं 11 से 14 वर्ष के शाला त्यागी, अप्रवेशी, पलायन करने वाले, भेड़ बकरी चराने वाले, छोटे-भाई बहनों की रखवाली करने के कारण शाला न जाने वाले, सपेरेे जाति के बच्चे, घुमंतु बच्चे, झिल्ली पन्नी बीनने वाले बच्चों को चिन्हांकित कर शाला में प्रवेश दिलाया जाएगा।

Balod, Balod, Chhattisgarh, India IMAGE CREDIT: balod patrika
Updated on:
26 Jun 2023 11:17 pm
Published on:
26 Jun 2023 11:00 pm
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