अब सॉफ्टवेयर हो गया बंद, दो दिन में 5533 किसानों से ढाई लाख क्विंटल धान खरीदने की चुनौती

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए अब मात्र दो ही दिन का समय रह गया है, लेकिन शासन ने चौथे टोकन का सॉफ्टवेयर बंद कर दिया है, जिससे किसान परेशान हो गए हैं। अब चौथा टोकन जारी करने की मांग को लेकर किसानों ने जिला कलेक्टर रानू साहू को ज्ञापन सौंपा।

बालोद @ patrika. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए अब मात्र दो ही दिन का समय रह गया है, लेकिन शासन ने चौथे टोकन का सॉफ्टवेयर बंद कर दिया है, जिससे किसान परेशान हो गए हैं। अब चौथा टोकन जारी करने की मांग को लेकर किसानों ने जिला कलेक्टर रानू साहू को ज्ञापन सौंपा। @patrika किसानों की समस्या पर कलेक्टर ने शासन को पत्र लिखने की बात कही है, लेकिन अब धान खरीदी में मात्र दो ही दिनों का समय रह गया है। ऐसे में किसानों को धान बेचने की चिंता सता रही है। किसानों ने बताया कि सेवा सहकारी समिति अरमरीकला के उपार्जन केंद्र में पंजीकृत किसानों ने तीन बार धान उपार्जन करने के बाद पंजीकृत रकबा में धान बेचने चौथी बार टोकन देना बाकी है।

दो दिनों में 5 हजार से अधिक किसानों का खरीदना है धान
शासन ने पहले 15 फरवरी तक धान खरीदने का निर्णय लिया था, लेकिन बारिश व खराब मौसम के कारण कई दिन खरीदी बंद रहने से किसान धान नहीं बेच पाए थे, जिसे देखते हुए शासन ने धान की खरीदी पांच दिन बढ़ाकर 20 फरवरी कर दी। दो दिनों में अब प्रशासन 5,533 किसानों से धान खरीदेगी पर दो दिनों में इतने किसानों के धान की खरीदी होगी या नहीं, विभाग को चिंता सताने लगी है।

360 कट्टा बेचना बाकी
किसान गजरूराम ने बताया कि टोकन के लिए सोसायटी के चक्कर लगाते-लगाते थक गए हैं। अभी 360 कट्टा धान बेचना बाकी है। वहीं टोकन के लिए जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है। वह सॉफ्टवेयर भी लॉक है, लेकिन सोसायटी का कहना है कि इस संदर्भ में उन्होंने सचिव को पत्र लिखा है। वही किसानों ने आरोप लगाया कि शासन एक-एक दाना धान खरीदने की बात करता है और हम अब ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

लक्ष्य पूरा करने में ढाई लाख क्विंटल और धान की जरूरत
जिला प्रशासन ने जिले में 52 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। जिसके जवाब में अब तक 49 लाख 49 हजार 281 क्विंटल धान की खरीदी कर चुका है। अभी भी लक्ष्य पूरा करने 250719 क्विंटल धान की खरीदी और की जानी है।

किसानों ने कहा-हमें नहीं दिया जा रहा टोकन
कलेक्टर को अपनी समस्या बताने आए किसान ने बताया कि अभी तक 600 कट्टा धान बेचना शेष है, जिसके लिए हम चौथी बार धान बेचने जा रहे हैं पर हमें टोकन ही नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में हम आखिर कहां जाएं। इसी तरह अन्य किसानों ने भी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि चुनाव के समय एक-एक दाना धान खरीदने का दावा कांग्रेस ने किया था। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद ही किसानों का प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदा गया। वहीं सरकार ने इस सत्र में धान को अलग-अलग किश्त में खरीद रही है। धान बेचने चौथी बार टोकन लेने सोसायटी में गए थे, लेकिन प्रबंधक सॉफ्टवेयर का बहाना बना रहा है। इस दौरान भेमिन बाई, गजरूराम सिन्हा, सखाराम, मनोहर, भेलाराम, वीरेंद्र, रमेश साहू, लखन साहू, नागेश्वर चन्द्राकर, भागवत चन्द्राकर, योगेश्वर, सेवक आदि किसानों ने टोकन जारी करने की मांग शासन-प्रशासन से की है।

जिले में कितने केंद्रों में हुई कितनी खरीदी
जिले में 69 समिति हैं, जिसके 110 धान खरीदी केंद्र में धान की खरीदी की जाती है। इस वर्ष 1,18,951 किसानों ने धान बेचा। 49,49,281 क्विंटल धान की खरीदी अब तक की गई है। 30,68,156.32 क्विंटल धान का परिवहन हुआ है। वहीं 18,80,55 क्विंटल धान का परिवहन शेष है। 52 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक 5,533 किसानों का धान बेचना शेष है।

सभी किसानों का धान खरीदी जा रहा
इस संबंध में कलक्टर रानू साहू ने कहा कि सभी किसानों का धान खरीदा जा रहा है। जिले के लगभग 97 प्रतिशत धान खरीदी हो चुकी है। वहीं कुछ किसानों के सॉफ्टवेयर ना खुलने की बात कही, जिसके लिए सचिव को पत्र लिखा जा चुका है।

Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
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