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मरीजों की बढ़ी मुसीबत, 5 दिन की हड़ताल पर गईं मितानिनें…. इस बात पर जता रहीं विरोध

Mitanins strike : ग्रामीण इाकों में गर्भवतियों, नवजातों की देखभाल से लेकर कुष्ठ, टीबी जैसे रोग और दस्त पखवाड़ा जैसे बड़े अभियानों की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर है।

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Mitanins strike : प्रदेशभर की मितानिनें गुरुवार से 5 दिन की हड़ताल पर चली गई हैं। ग्रामीण इाकों में गर्भवतियों, नवजातों की देखभाल से लेकर कुष्ठ, टीबी जैसे रोग और दस्त पखवाड़ा जैसे बड़े अभियानों की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर है। जाहिर है कि इनके हड़ताल पर रहते तक ये सारी अहम जिम्मेदारियां भगवान भरोसे पूरी होंगी।

प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर जिले की मितानिनें 7 से 10 मार्च तक अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर जिले में प्रदर्शन करेंगी। 11 तारीख को राजधानी में हड़ताल होगी। चूंकि ग्रामीण इलाकों में राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का संचालन मितानिनों के जरिए होता है। लिहाजा, मितानिनों की हड़ताल से निश्चित तौर पर सारी योजनाएं तथा व्यवस्थाएं ठप रहने वाली हैं। हड़ताल के पहले ही दिन धरनास्थल दशहरा मैदान में सैकड़ो की संख्या में मितानिनों ने अपनी दो सूत्री मांगो को पूरा करने के लिए जमकर नारेबाजी की। संघ की प्रदेश अध्यक्ष सरोज सेंगर, जिलाध्यक्ष सती वर्मा ने बताया, भाजपा ने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था। संघ इसे पूरा करने की मांग कर रहा है।

ये हड़ताल जरूरी थी क्योंकि...मेन रोड के अलावा गौरव पथ होते हुए डीके कॉलेज तक जाने वाली यह शहर की दूसरी सड़क है। इस रोड से रोज सैकड़ो लोग कलेक्टर-एसपी दफ्तर, हाई स्कूल, कन्या कॉलेज, जिला न्यायालय जाते थे। लेकिन, पिछले कुछ सालों से यह सड़क पूरी उबड़खाबड़ है। शहर के लिए इस सड़क का महत्व ऐसे भी समझ सकते हैं कि जब ये सड़क अच्छी थी तो तकरीबन 70 फीसदी लोग इसी रास्ते से कलेक्टर-एसपी दफ्तर, स्कूल-कॉलेज जाते थे। चूंकि अब सड़क खराब है तो लोग मेन रोड से आना-जाना कर रहे हैं। इससे मेन रोड पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है।
बलौदाबाजार. नगर पालिका के सामने की सड़क दो साल से अधूरी है। लोगों के लगातार आवेदन-निवेदन के बाद भी जिम्मेदारों ने इसे पूरा नहीं करवाया। रोज-रोज की परेशानी से तंग आए लोगों ने गुरुवार को पालिका दफ्तर के सामने मोर्चा खोल दिया। बलौदाबाजार नागरिक सेवा समिति के बैनर तले सुबह 9 बजे से हड़ताल शुरू हो गया। समिति के अध्यक्ष श्याम शुक्ला ने कहा, अफसरों की लापरवाही का खामियाजा शहर की जनता पिछले 2 साल से भुगत रही है। लोगों के हड़ताल पर बैठने की सूचना पाकर नगर पालिका अध्यक्ष चितावर जायसवाल, सीएमओ भोलासिंह ठाकुर और तहसीलदार राजू पटेल मौके पर पहुंचे। लोगों ने उनके सामने भी जमकर नारेबाजी की। पालिका अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि तीन दिन के भीतर सड़क का डामरीकरण शुरू हो जाएगा। उनके इस आश्वासन पर लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। चितावर ने कहा, पिछली कांग्रेस सरकार ने सड़क निर्माण जानबूझकर रुकवाया था। उनका इरादा पालिका की भाजपा सरकार को बदनाम करना था। अब हमारी पार्टी सरकार में है। फंड की कोई कमी नहीं होगी। सड़क अब बनकर रहेगी। इस दौरान रामनाथ वर्मा, सुशील तिवारी, भूषण बंजारे, रोहित वर्मा, सूर्यकांत अग्रवाल, नीरज बाजपेई, एसएम पाध्ये, विद्याधर तिवारी मौजूद रहे।

संघ की दो सूत्रीय मांगो में मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, ब्लॉक समन्वयक, स्वस्थ पंचायत समन्वयक, एरिया को-ऑर्डिनेटर, हेल्प डेक्स फेसिलेटर को एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) से जोड़ेने, प्रोत्साहन राशि एवं क्षतिपूर्ति में 50 प्रतिशत वृद्धि करना शामिल हैं। जो पैसे मितानिनों को प्रोत्साहन राशि एवं मितानिन प्रशिक्षक, ब्लाक समन्वयक, स्वस्थ पंचायत समन्वयक, एरिया कोआर्डिनेटर को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जा रही है, वह बहुत कम है। परिवार चलाने लायक भी नहीं है। 21 सालों से सेवाएं दे रहीं मितानिनों को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। धरनास्थल में जिले से बड़ी संख्या में मितानिन पहुंचीं, जिन्होंने सुबह से शाम तक अपनी मांगो को लेकर जमकर नारेबाजी की।

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