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दुष्कर्म पीडि़ता को लेकर रात भर भटकती रही पुलिस 

दुष्कर्म पीडि़ता का मेडिकल करवाने के लिए पुलिस रातभर घूमती रही। पालड़ी एम., शिवगंज अस्पताल में चक्कर काटने के बाद पुलिस मध्यरात्रि बाद जिला अस्पताल पहुंची तथा अलसुबह मेडिकल कराया गया। मामला पालड़ी एम. थानांतर्गत राडबर गांव का है।

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दुष्कर्म पीडि़ता का मेडिकल करवाने के लिए पुलिस रातभर घूमती रही। पालड़ी एम., शिवगंज अस्पताल में चक्कर काटने के बाद पुलिस मध्यरात्रि बाद जिला अस्पताल पहुंची तथा अलसुबह मेडिकल कराया गया। मामला पालड़ी एम. थानांतर्गत राडबर गांव का है।

गत 31 जनवरी को झाड़ोली (पिण्डवाड़ा) निवासी मन्नाराम पुत्र जोताराम भील राडबर गांव से किशोरी को भगा ले गया था। 18 फरवरी को किशोरी को सिवेरा मार्ग स्थित एक फैक्ट्री से मुक्त करवाया। बाद में पुलिस उसे तत्काल ही मेडिकल करवाने ले गई।

पालड़ी एम. व शिवगंज अस्पताल जाने पर महिला चिकित्सक नहीं मिली, जिस पर पुलिस जिला अस्पताल के लिए रवाना हुई। यहां आते-आते मध्यरात्रि हो गई। अलसुबह तीन-चार बजे यहां महिला चिकित्सक डॉ. उषा चौहान को जगाकर मेडिकल करवाया गया।

यह था मामला
पुलिस के अनुसार झाड़ोली निवासी आरोपित गोडाणा स्थित कृषि कुएं पर काम करता था। जंगल में लकडिय़ां बीनने गई किशोरी को वह भगा ले गया। पुलिस ने किशोरी के पिता की रिपोर्टपर मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। 18 फरवरी को किशोरी को सिवेरा मार्ग स्थित एक फैक्ट्री से मुक्त करवा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

...तो नहीं लगाने पड़ते चक्कर
पुलिस के अनुसार पीडि़ता को दस बजे अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन पालड़ी व शिवगंज अस्पताल जाने तक काफी समय व्यतीत हो गया। इसके बाद जिला अस्पताल ले जाया गया।

दुष्कर्म पीडि़ता को ले जाने से पहले ही यदि महिला चिकित्सक की उपस्थिति जांच ली होती तो पुलिस को शायद इतने चक्कर नहीं लगाने पड़ते।ऐसे में सीधे ही जिला अस्पताल आते तो यहां भी कम से कम मध्यरात्रि से पहले ही सारी प्रक्रिया निपट जाती।
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