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अब किसान खुद तय करेगा अपनी फसल और दूध के दाम

बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र में आयोजित गोष्ठी में किसानों ने अपनी उपज और दूध की कीमत खुद तय करने का संकल्प लिया
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बांदा

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Hariom Dwivedi

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Updated: 8 Nov 2020, 1:13 PM IST

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बांदा जनपद के बबेरू क्षेत्र के बड़ागांव में आयोजित गोष्ठी में किसानों ने कहा कि सरकारी व निजी कंपनियां अपने उत्पाद का दाम खुद तय करती हैं, लेकिन किसान अपने उत्पाद का दाम तय नहीं कर पाता

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बांदा. किसान अब खुद अपनी उपज और दूध की कीमत तय करेगा। एक दिसंबर से किसान 50 रुपये प्रति लीटर दूध बेचेंगे। शनिवार को बांदा में बांदा में अखिल भारतीय किसान समन्वय संघर्ष समिति ने एक गोष्ठी का आयोजन कर अपनी फसल व दुग्ध का मूल्य निर्धारण करने का संकल्प लिया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जीपी सिंह पटेल की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। गोष्ठी में न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी न होना, खरीद पर टोकन सिस्टम समाप्त कर देना, अन्ना प्रथा, बिजली के स्मार्ट मीटर आदि मुख्य विषयों पर चर्चा हुई।

बांदा जनपद के बबेरू क्षेत्र के बड़ागांव में आयोजित गोष्ठी में किसानों ने कहा कि सरकारी व निजी कंपनियां अपने उत्पाद का दाम खुद तय करती हैं, लेकिन किसान अपने उत्पाद का दाम तय नहीं कर पाता। नतीजन उसे अपने उत्पाद का सही मूल्य नहीं मिल पाता। उसे अपने उत्पाद को औने-पौने दामों में बेचना पड़ता है। अपर्याप्त सरकारी खरीद, दलालों का दलदल और भंडारण की किल्लत से उसकी फसलों की लागत भी नहीं निकल पाती है। किसानों की इन समस्याओं को दूर करने के लिए लंबे अरसे से मांग की जा रही है। शनिवार को बांदा में अखिल भारतीय किसान समन्वय संघर्ष समिति ने एक गोष्ठी का आयोजन कर अपनी फसल व दुग्ध का मूल्य निर्धारण करने का संकल्प लिया।

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