
पर्यटकों की कम तादाद चिंता का विषय
इस बार कोडग़ु और पड़ोसी राज्य केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के का सीधा असर दशहरा पर देखा जा रहा है
मैसूरु. विश्व प्रसिद्ध दशहरा महोत्सव में इस बार अब तक पर्यटकों की संख्या बेहद कम है जिससे आतिथ्य उद्योग को बड़ी निराशा हुई है।
पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के लिए दशहरा का समय सर्वाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने वाला रहता है लेकिन इस बार कोडग़ु और पड़ोसी राज्य केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के का सीधा असर दशहरा पर देखा जा रहा है।
दशहरा के दौरान सर्वाधिक संख्या में केरल के पर्यटक मैसूरु आते हैं लेकिन इस बार केरल के पर्यटकों की संख्या न के बराबर है। मैसूरु में करीब होटल और लॉजों के पास करीब 8000 कमरे हैं। इस समय करीब 60 फीसदी कमरों की बुकिंग हो चुकी है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि यह उम्मीद के अनुरूप है क्योंकि केरल की बाढ़ के कारण इस बार पर्यटकों की तादाद कम रहने की संभावना है। संभव है कि महोत्सव के अंतिम 3 से 4 दिनों में पर्यटकों की तादाद बढ़े जिससे आतिथ्य जगत को बेहतर व्यवसाय मिल सकेगा।
केरल के अतिरिक्त तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र सहित उत्तर भारतीय राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक मैसूरु आते हैं। पर्यटन विभाग ने भी पर्यटकों को महोत्सव के दौरान आकर्षित करने के लिए 8.05 करोड़ रुपए प्रचार प्रसार पर खर्च किया है। वहीं मैसूरु को खूबसूरत तरीके से सजाया गया ताकि दसु दिवसीय महोत्सव में पर्यटकों को अद्भुत अनुभव हो।
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जेसीआइ ने पाए सर्वाधिक पुरस्कार
बेंगलूरु. जेसीआई की ओर से जोन 14 के 39 अध्यक्षों का सम्मेलन 'अंबारीÓ दी रायल उत्सव 9 अक्टूबर को मैसूरु में संपन्न हुआ।
जोन अध्यक्ष विकास गुगलिया ने उद्घाटन किया। मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश बटाविया थे। अध्यक्षता मुकेश भंडारी व पिंकी चौहान ने की। जेसीआइ बेंगलूरु सिटी चैप्टर ने सामुदायिक, व्यापार विकास, मनोरंजन सहित अन्य क्षेत्रों में सर्वाधिक पुरस्कार हासिल किए।

Published on:
12 Oct 2018 06:25 pm
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