बैंगलोर

अब सरकारी नॉन एसी स्लीपर बसों में भी सुहाना होगा सफर

मुख्यमंत्री ने दिखाई पल्लक्की बसों को हरी झंडी40 गैर वातानुकूलित स्लीपर, 100 सरिगे बसें केएसआरटीसी के बेड़े में शामिल

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Oct 08, 2023
अब सरकारी नॉन एसी स्लीपर बसों में भी सुहाना होगा सफर

बेंगलूरु. कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के बेड़े में शनिवार को 40 गैर वातानुकूलित स्लीपर और 100 सरिगे बसें शामिल हुई। केएसआरटीसी ने वर्ष 2011 में अपनी नॉन एसी स्लीपर बसें शुरू की थीं, लेकिन अब तक इन्हें अलग नाम नहीं दिया गया था। नई नॉन एसी स्लीपर बसों को पल्लक्की के रूप में ब्रांड किया गया है और इसकी टैगलाइन है- खुशी यात्रा कर रही है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त पल्लक्की बसों में अब लंबी दूरी का सफर भी सुहाना होगा।मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या, उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी, वन मंत्री ईश्वर खंड्रे, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के. एच. मुनियप्पा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के. गोविंदराजू, केएसआरटीसी के चेयरमैन नागराज और प्रबंध निदेशक वी. अंबु कुमार ने शनिवार को विधानसौधा में पल्लकी श्रेणी की नई नॉन एसी स्लीपर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पल्लक्की बसें बेंगलूरु और अन्य क्षेत्रों से शुरू होकर राज्य भर के विभिन्न गंतव्यों तक चलने वाले मार्गों पर चलेंगी। ये बसें राजधानी शहर से 500 किमी से अधिक दूर स्थित गंतव्यों तक सेवा प्रदान करेंगी, जिससे रात भर की यात्रा की सुविधा मिलेगी। 30 स्लीपर बर्थ वाली इन बसों में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पोर्ट, मोबाइल होल्डर, एलईडी रीडिंग लाइट आदि सुविधाएं हैं।

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के साथ बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए इस वर्ष केएसआरटीसी के लिए 798 नई बसें शामिल करने की योजना है। निगम के प्रबंध निदेशक वी. अंबु कुमार ने कहा कि प्रतिदिन 7517 बसें 26.89 लाख किलोमीटर का सफर करती हैं और प्रतिदिन 32.28 लाख यात्री निगम की बसों में यात्रा करते हैं। उन्होंने शक्ति योजना लागू होने के बाद प्रतिदिन 17 से 18 लाख महिलाएं यात्रा कर रही हैं।----------------------

कार्मिक दुर्घटना बीमा राशि के चेक बांटेकेएसआरटीसी ने कर्मचारी बीमा योजना के तहत अब तक कुल सात मृत कर्मचारियों के आश्रितों को दावा राशि के चेक वितरण कर किया है। केएसआरटीसी ने ऑनड्यूटी या ऑफ ड्यूटी दुर्घटनाओं के दौरान अपनी जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों की मदद के लिए 100 करोड़ रुपए की अनूठी दुर्घटना बीमा राहत योजना शुरू की है। देश के किसी सरकारी परिवहन निगम में अपने तरह की यह पहली योजना है। मुख्यमंत्री ने बीमा योजना के तहत चार मृत कर्मचारियों के परिजनों के बीच बीमा राशि और सरिगे विद्या चेतना के लाभार्थियों के बीच छात्रवृत्ति राशि का भी वितरण किया।

Published on:
08 Oct 2023 04:57 pm
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