संघ के वरिष्ठ नेता की उपस्थिति में चामराजपेट स्थित संघ कार्यालय में 17 जनवरी को एक बैठक होगी, जिसमें दोनों नेताओं को आमंत्रित किया गया है। बैठक में दोनों के बीच सुलह कराने का प्रयास होगा। विधानसभा चुनाव को ध्यान रखते हुए संघ चाहता है कि दोनों नेताओं के बीच चल रहा घमासान शीघ्र खत्म हो।
येड्डियूरप्पा ने कई बार भाजपा के कार्यकर्ताओं को संगोली रायण्णा ब्रिगेड के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के निर्देश दिए हैं इसके बावजूद ईश्वरप्पा लगातार कार्यक्रम में भाग लेकर उन्हें परोक्ष रूप से चुनौती दे रहे हैं। येड्डियूरप्पा ने पद्मनाभनगर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पर बीबीएमपी के पूर्व मेयर वेंकटेश मूर्ति को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है लेकिन ईश्वरप्पा पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है।
तमाम चेतावनियों को अनदेखा करते हुए ईश्वरप्पा 26 जनवरी को कलबुर्गी में आयोजित कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त हैं। यह जाहिर तथ्य है कि ईश्वरप्पा को भाजपा के कई पूर्व मंत्री, विधायक तथा विधान परिषद सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। येड्डियूरप्पा ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालते ही जिस तरह जिला इकाइयों का पुनर्गठन किया, उससे ये नेता नाराज हैं।