बेंगलूरु और मैसूरु के बीच दस लेन के नए राष्ट्रीय राजमार्ग को बनाने में 24 महीने का समय लगेगा।
मैसूरु. बेंगलूरु और मैसूरु के बीच दस लेन के नए राष्ट्रीय राजमार्ग को बनाने में 24 महीने का समय लगेगा। मैूसरु-कोड़ुगू सांसद प्रताप सिम्हा ने रविवार को चार लेन वाले मौजूदा 118 किलोमीटर बेंगलूरु-मैसूरु राजमार्ग का निरीक्षण करने के बाद कहा कि इसके 10 लेनों (2 सर्विस लेन सहित) में उन्नयन का कार्य कर रही कंपनी ने 24 महीनो में काम पूरा करने का वादा किया है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने निर्माण पूरा करने के लिए ३६ महीनों की समय सीमा तय की है।
मंड्या जिले के श्रीरंगपट्टण तालुक के गाननगुरु गांव के समीप निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि ६५०० करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का काम भोपाल की एक कंपनी कर रही है। परियोजना को पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित किया गया है, जिसमें भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने वादा किया है कि २४ महीनों में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसमें सडक़ निर्माण के अतिरिक्त नौ बड़े पुलों और ४४ छोटे पुलों का निर्माण सहित चार रोड ओवर ब्रिज भी शामिल है। सडक़ उन्नयन कार्य को दो पैकेजों में किया जा रहा है। पहले पैकेज में बेंगलूरु से मद्दूर तालुक के नदिघट्टा के बीच ५६.१ किलोमीटर खंड को ३००० करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा जिसके लिए ९०० एकड़ भूमि अधिग्रहण करना है।
उन्होंने कहा कि करीब ८० फीसदी भूमि अधिग्रहण का काम हो चुका है। वहीं दूसरे पैकेज में नदिघट्टा से मैसूरु के बीच ६१.२ किमी खंड को ३५०० करोड़ रुपए से विकसित किया जाएगा। इस खंड के लिए ११२१ एकड़ भूमि अधिग्रहण की जरुरत है और फिलहाल ६० फीसदी अधिग्रहण कार्य हो चुका है।
९० मिनट में पहुंच सकेंगे बेंगलूरु से मैसूरु
मौजूदा समय में दोनों शहरों के बीच अनुमानित दैनिक वाहन परिचालन 36 हजार से ज्यादा है, जिस कारण चार लेन वाली मौजूदा सडक़ पर यातायात दबाव ज्यादा रहता है और लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। माना जाता है कि दस लेन वाली नई सडक़ बन जाने के बाद दोनों शहरों के बीच आवागमन का समय घटकर 90 मिनट तक रहने की उम्मीद है।