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फिल्म किलिंग वीरप्पन का मामला फिर अदालत पहुंचा

रामगोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म किलिंग वीरप्पन अगले सप्ताह भी प्रदर्शित होने की संभावना नहीं है

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Shankar Sharma

Dec 26, 2015

bangalore photo

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बेंगलूरु.
रामगोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म किलिंग वीरप्पन अगले सप्ताह भी प्रदर्शित होने की संभावना नहीं है। वीरप्पन की गतिविधियों के बारे में पुलिस को सूचना देने वाले मुखबिर मादप्पा ने सिटी सिविल एवं सत्र न्यायालय में याचिका दाखिल कर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।


मादप्पा ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि अदालत न्यायालय उसकी याचिका पर 29 दिसंबर को अपना फैसला सुनाने वाली है। वीरप्पन की गतिविधियों के बारे में वे विशेष कार्यबल (एसटीएफ) को जानकारी देता था। किलिंग वीरप्पन फिल्म में उसके किरदार को भी दिखाया गया है। इसके लिए रामगोपाल वर्मा ने उनकी अनुमति नहीं ली और इसकी जानकारी भी नहीं दी। फिल्म प्रदर्शित होने के बाद सभी लोगों को उनकी भूमिका के बारे में पता चलेगा। वीरप्पन के करीबी साथी या वीरप्पन के परिवार के सदस्य उनकी हत्या कर सकते हैं।

वीरप्पन का अंत कराने में उनकी भूमिका रही है। इसलिए फिल्म प्रदर्शित नहीं करने का अनुरोध किया है। यह फिल्म अब 1 जनवरी 2016 को प्रदर्शित करने का फैसला लिया गया है। इस फिल्म को कन्नड़, हिंदी, तमिल और तेलुगू में बनाया गया है। उसके वकील एस.उमेश ने याचिका दाखिल की है। इस फिल्म की निर्माता कंपनी के.जी.आर.फिल्म के प्रमुख रघु आचार्य, निदेशक रामोगपाल वर्मा, बी.वी. मंजुनाथ , बी.वी.सुतींद्र, शिवप्रकाश और कर्नाटक फिल्म चंैबर ऑफ कॉमर्स को प्रतिवादी बनाया गया है।
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