बांसवाड़ा. आदिवासी आरक्षण मंच की ओर से तीन सूत्री मांगों जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण, राज्य सेवाओं में 6.5 प्रतिशत पृथक आरक्षण व न्यूनतम उत्तीर्णांक को लेकर शुक्रवार को सज्जनगढ़ उपखण्ड कार्यालय के सामने कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री, जल संसाधन मंत्री, जनजाति विकास मंत्री और विधायक का पुतला जलाया।
मंच के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने उपखण्ड कार्यालय पहुंचकर सांकेतिक धरना दिया। इसके बाद मंच की मांगों को अनसुना करने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जल संसाधन मंत्री महेन्द्रजीतसिंह मालवीया, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया, विधायक रमिला खड़िया व जिला कलक्टर प्रकाशचन्द्र शर्मा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यालय के सामने पुतले जलाए।
सरकार का उपेक्षापूर्ण रवैया
मंच की केन्द्रीय कमेटी के संयोजक प्रो.कमलकान्त कटारा ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित क्षेत्र के आदिवासियों को गुमराह कर रही है। आदिवासियों की हितैषी होने का दावा करने वाली राजस्थान सरकार आदिवासी वर्ग की अनदेखी कर रही है। मुख्यमंत्री दो दिवसीय दौरे पर आए, किंतु आदिवासी की मांगों पर कोई चर्चा नहीं की और न ही स्थानीय राजनेताओं ने मुख्यमंत्री से वार्ता की। इससे आदिवासी खुद को ठगा महसूस कर रहा है और उसमें आक्रोश है। उन्होंने कहा कि 2013 में गैर जनजाति वर्ग की मांग पूरी कर आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी थी, जबकि आदिवासी की मांग पर बहाने बना रही है। उन्होंने बताया कि मंच की ओर से 19 जून को बागीदौरा में धरना व पुतला दहन किया जाएगा।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला कमेटी सदस्य दिनेश राणा, आनंद निनामा, सज्जनगढ़ ब्लाक संयोजक कमलेश पारगी, कमल मछार, डा..सोमेश्वर गरासिया, विनोद पटेल, अंजेश बारिया, पप्पू पारगी, बादल गणावा, भरत बारिया, जीवन भगोरा, पंकज पारगी, शांतिलाल कटारा, प्रकाशचन्द्र रावत, मीठालाल रावत, नरेश मछार, मोहनलाल गरासिया , रमेश मछार आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।