
World Tourism Day : भारत के मानचित्र में बांसवाड़ा है नए स्वर्ग की भांति, सौ टापूओं का शहर कहो या कहो लोढ़ी काशी
बांसवाड़ा. विश्व पर्यटन दिवस पर आज हम आपको रूबरू करवा रहे हैं भारत के एक ऐसे शहर से जिसे प्रकृति ने खूबसूरती का आर्शीवाद दिल खोलकर दिया है। इसे सौ द्वीपों का शहर, सौ झरनों का शहर और लोढ़ी काशी जैसे कई सारे नामों से भी जाना जाता है। यह है राजस्थान के वागड़ अंचल का बांसवाड़ा। जी हां... बांसवाड़ा की नैसर्गिक सुंदरता ने इसे भारत के मानचित्र पर नए स्वर्ग की भांति स्थान दिला दिया है। वैसे तो यहां शुरूआत से ही कुदरत की रेहमत रही है लेकिन समय के साथ-साथ जब उन प्राकृतिक स्थानों की पहचान लोगों को हुई तो यह पर्यटन स्थल के रूप में सामने आते गए। विश्व पर्यटन दिवस पर बांसवाड़ा की कुछ ऐसे ही टूरिज्म अट्रैक्शन्स के बारें में हम आपको दे रहे है संक्षिप्त में जानकारी....
चाचाकोटा
माही नदी को वागड़ की गंगा कहा जाता है। मानसून के बाद जब माही नदी में पानी से भर जाती है तब इसकी खूबसूरती भी शबाब पर होती है। वहीं माही नदी के बैक वाटर के समीप बसा चाचाकोटा गांव कश्मीर की वादियों से प्रतियोगिता करता है। मानसून के बाद चाचाकोटा में नजर आने वाली सुंदरता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
कैसे पहुंचे :- जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर चाचाकोटा गांव में रतलाम रोड, कल्प वृक्ष, आलापृथ्वीगढ़ होते हुए आसानी से पहुंचा जा सकता है। परिवार और मित्रों के साथ यहां घुमना यादगार रहेगा।
गेमन पुल
बांसवाड़ा-रतलाम मार्ग पर माही नदी के ऊपर बने करीब 1.25 किमी लंबा महाराणा प्रताप सेतु (गेमन पुल) पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। 80 के दशक में बने इस पुल से माही नदी का नजारा अद्भूत नजर आता है। यहां पर नदी के किनारे माही माता का मंदिर भी आस्था का केंद्र है।
कैसे पहुंचे:- जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर स्थित गेमन पुल पर पहुंचने के लिए कई वाहन मिलते है। रतलाम मार्ग पर जाने वाले किसी भी वाहन से यहां पहुंचा जा सकता है।
अरथूना मंदिर
जिले में अरथूना कस्बा पुरातन कलाकृतियों के लिए देशभर में विशेष स्थान रखता है। यहां करीब वर्षों पुराने परमार वंश के शासकों द्वारा निर्मित मंदिर व कलाकृतियां है। यहां भगवान शिव और हनुमान के मंदिर लोगों के लिए दर्शनीय है।
कैसे पहुंचे:- जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर अरथूना गढ़ी तहसील में स्थित है। यहां जाने के लिए समय-समय पर रोडवेज व निजी बसों का संचालन होता है।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर
शक्तिपीठ मां त्रिपुरा सुंदरी का मंदिर जिले के तलवाड़ा कस्बे के समीप उमराई गांव में स्थित है जहां पर पंचाल समाज की आराध्य देवी का विशाल मंदिर निर्मित है। नवरात्र के दिनों में यहां लाखों की संख्या में लोग दर्शन करने आते है। मां त्रिपुरा सुंदरी को राजयोग दिलाने वाली देवी की मान्यता प्राप्त है।
कैसे पहुंचे:- जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर त्रिपुरा सुंदरी मंदिर पहुंचने के लिए कई रोडवेज व निजी बसों व वाहनों का संचालन होता है।
Published on:
26 Sept 2018 05:38 pm
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