
बांसवाड़ा एसपी कर रहे पुलिस थानों को हाईटेक
नरेन्द्र वर्मा@ बांसवाड़ा। अपराधियों में भय एवं आम जन में विश्वास। राजस्थान पुलिस का यह स्लोगन बांसवाड़ा जिले की शांति एवं कानून व्यवस्था में असरदार साबित हो, इसके लिए जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना की अगुवाई में पुलिस प्रयासरत है। अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक मीना ने अपनी टीम के साथ नवाचार भी किए। Hi-tech to the police stations doing Banswara SP
राजस्थान पत्रिका से बातचीत में उन्होंने कहाकि जिले का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित महसूस करे और पीडि़त को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए जिले की समूची पुलिस फोर्स चौबीस घंटे मुस्तैद है। शहर में किराएदार के रूप में किसी भी अपराधी को शरण नहीं लेने दी जाएगी। मीना से हुई बातचीत के पेश हैं मुख्य अंश-
सवाल: शहर में लोगों की सुरक्षा और त्वरित मदद के लिए क्या प्रयास हुए?
मीना: शहर के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए यहां एक और पुलिस थाना स्थापित किया गया। अब शहर में कोतवाली के साथ ही राजतालाब थाना भी है। जिले में दो अन्य थाने के साथ एक पुलिस चौकी स्थापित की गई। शहर में दो थाने होने से अब लोगों को पुलिस की मदद त्वरित मिल सकेगी।
सवाल : अपराध नियंत्रण पर क्या रणनीति है?
मीना : शहर में चोरी, नकबजनी, लूट की वारदातें हाल ही बढ़ी है। वारदातों पर अंकुश के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। यह टीम क्षेत्र की थाना पुलिस के साथ मिल कर काम कर रही है। टीम वर्क से अधिकांश वारदातें खुल चुकी है। रात्रिकालीन पुलिस गश्त व मुखबीर तंत्र को भी मजबूत किया है।
सवाल: अपराधियों पर कैसे नकेल कस रहे हैं ?
मीना: हार्डकोर अपराधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुराने रिकार्ड के आधार पर समय-समय पर इन्हें पाबंद किया जाता है। कईयों की गिरफ्तारी भी हुई है। वांछित अपराधियों की भी धरपकड़ के लिए अनुभवी कर्मी काम कर रहे है।
सवाल: क्या, डॉग स्कवॉड की कमी महसूस होती है।
मीना: डॉग स्कवॉड की पुलिस अनुसंधान में कई मौकों पर अहम भूमिका रहती है। जिले में एक साल से डॉग स्कवॉड नहीं है। जयपुर मुख्यालय को लिखा है। मुख्यालय ने भी डॉग स्कवॉड के लिए हैंडलर के लिए आवेदन मांगे है।
सवाल: शहर में श्रमिकों की क्या िस्थति ?
मीना: बांसवाड़ा की सीमा गुजरात व एमपी से सटी है। अन्य जिलों व प्रदेशों से भी यहां श्रमिक काम कर रहे है। श्रमिकों के भेष में अपराधी नहीं छिपा हो, इसके लिए पुलिस अलर्ट है।
सवाल: क्या, शहर में किराएदार एवं श्रमिकों का भौतिक सत्यापन हो रहा है।
मीना: शहर में करीब 25 हजार घर है। यहां रहने वाले किराएदार एवं बाहरी श्रमिकों का सत्यापन कार्य पुलिस उपाधीक्षक सूर्यवीर सिंह राठौड़ की देखरेख में शुरू किया गया है। दो माह में ढाई हजार घरों का सर्वे हो चुका है। इसी प्रकार औद्योगिक इकाईयों के संचालकों की मदद भी बाहरी श्रमिकों के सत्यापन के लिए की जा रही है।
सवाल: शहर में तीसरी आंख से किस प्रकार से हो रही है सुरक्षा ?
मीना: अभय कमांड योजना के तहत शहर में सीसी कैमरे लगाए गए है। भामशाहों की मदद भी अन्य प्रमुख स्थानों पर सीसी कैमरें लगाने के लिए ली जा रही है।
सवाल: कैसी है, बीट कांस्टेबल व्यवस्था ?
मीना: जिले में कुल बीस पुलिस थाने हैं। सभी थाना क्षेत्रों में बीट कांस्टेबल व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। जनता पुलिस की मित्र बने, इसके लिए कॉलोनियों में भी जागरूकता बैठकें पार्षदों व जनप्रतिनिधियों की मदद से शुरू की गई।
सवाल: पुलिस थानों में लैंडलाइन के फोन क्यूं खराब हैं?
मीना: ऐसा नहीं है, अब पुलिस थानों के टेलीफोन भी हाईटेक हो रहे हैं। यहां थानों में फोनों को फाइबर लाइन से जोड़ा जा रहा है। थाने में फोन की घंटी बजने पर अब लोगों को जवाब भी मिलेगा।
सवाल: आप मानते हैं कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए ?
मीना: शहर की बसावट पुरानी है। यहां प्रमुख सर्किल व सड़कें भी तकनीकी रूप से ठीक नहीं है। इन्हें दुरूस्त करने के लिए जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित प्रशासनिक टीम व सार्वजनिक निर्माण विभाग अध्ययन कर रहा है। ऐसे भी शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। जिले में भी दुघर्टना जोन को भी चिंहित किया है।
सवाल: नवरात्र एवं आगामी त्योहार को लेकर किस प्रकार की तैयारी ?
मीना: नवरात्र को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। शांति समिति व सीएलजी की बैठकें हो रही है। जिले में आपसी सौहार्द व सहयोग का माहौल है। आयोजन स्थलों पर डीजे नहीं बजे, इसके लिए समझाइश की जा रही है।
Published on:
21 Sept 2022 12:42 pm
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