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बांसवाड़ा : कोरोना से बचाव के लिए लाखों के सामान की मनमर्जी से खरीदारी, लेकिन ग्रामीणों तक नहीं पहुंची सामग्री

Lockdown In Banswara, Coronavirus Updates, Corruption In Lockdown : कोविड-19 के तहत पंचायतों में बजट ‘सेनेटाइज’, कई पंचायतों ने राशि नहीं मिलने पर उधार खरीदी सामग्री

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बांसवाड़ा : कोरोना से बचाव के लिए लाखों के सामान की मनमर्जी से खरीदारी, लेकिन ग्रामीणों तक नहीं पहुंची सामग्री

बांसवाड़ा : कोरोना से बचाव के लिए लाखों के सामान की मनमर्जी से खरीदारी, लेकिन ग्रामीणों तक नहीं पहुंची सामग्री


मृदुल पुरोहित/बांसवाड़ा. प्रदेश में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ग्राम पंचायतों में आवश्यक सामग्री की खरीदारी में मनमर्जी होने और कुछ पंचायतों में बजट नहीं मिलने के कारण उधारी चढऩे की स्थिति सामने आई है। जिन लोगों के लिए सामग्री खरीदी गई, उनमें से अधिकांश अनभिज्ञ हैं। सूत्र बताते हैं कि जो खरीदारी की गई, उसका भुगतान सामग्री पर अंकित कीमत पर किया गया, जबकि सामग्री थोक में खरीदी गई और बजट ‘सेनेटाइज’ कर दिया है। कुछ जगह खरीदारी में विरोधाभासी स्थिति सामने आई। ऐसे में जिले में एक करोड़ से अधिक राशि खर्च करने से संशय के बादल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार कोविड-19 से बचाव के लिए राज्य वित्त आयोग पंचम मद में सेनेटाइजर, मास्क, ग्लब्स, मैनुअल स्प्रे मशीन और सोडियम हाइपो क्लोराइड क्रय करने के लिए राशि स्वीकृत की गई। ग्राम पंचायतों को 50 हजार, पंचायत समिति को एक लाख और जिला परिषद को डेढ़ लाख रुपए स्वीकृत किए गए। बताया जाता है कि जिला परिषद ने चिकित्सा विााग के माध्यम से एसएफसी की उपलब्ध राशि से सामग्री खरीदी। वहीं ग्राम पंचायतों के खातों में तय राशि सरकार की ओर से सीधे डाली गई।

ग्रामीणों तक नहीं पहुंची
ग्राम पंचायत स्तर पर उक्त सामग्री क्रय करने के बाद सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिडक़ाव तो कराया गया, लेकिन मास्क, ग्लब्स और सेनेटाइजर पंचायत मुयालय के ग्रामीणों तक भी नहीं पहुंचे। कुछ पंचायतों ने मुयालय पर अन्य विभागीय कार्मिकों को उपलब्ध करा दिए तो कुछ जगह ड्यूटी दे रहे कार्मिकों को यह सामग्री दी, जबकि इन कार्मिकों को उनके विभाग की ओर से भी सामग्री देय थी।

उधार खरीदा सामान
ग्राम पंचायत बेड़वा के सरपंच भूरजी निनामा ने कहा कि सरकार से पैसा नहीं आया। दो पेटे सेनेटाइजर, दो हजार मास्क खरीदे। पंचायत ने सामान उधार लिया है। जो सामान खरीदा उसका वितरण ड्यूटी पर आने वाले कार्मिकों व लोगों में किया। वहीं डूंगरिया के सरपंच दिनेश कुमार ने बताया कि खाते में राशि आई है या नहीं, इसे चैक नहीं किया है। 1300 मास्क वार्डपंचों के माध्यम से बांटे हैं। कुछ सामान नकद खरीदा। करीब पांच-छह हजार रुपए व्यापारियों को देना शेष है। मगरदा सरपंच भूरसिंह डामोर ने कहा कि चार पेटी सेनेटाइजर खरीदा। करीब दो हजार मास्क बनवाए। हमें जो राशि मिली, उससे पाली छोटी पंचायत के लिए भी सामान खरीदा। नई पंचायत के कारण पाली में राशि नहीं आई।

इनकी कहानी विरोधाभासी
कड़दा ग्राम पंचायत के सरपंच बापूलाल ने कहा कि हमने खरीदारी नहीं की। पंचायत समिति ने खरीद कर दिया। हमने अब तक पैसा नहीं दिया है। वहीं विकास अधिकारी कैलाश कुमार के अनुसार सामान पंचायत समिति मुख्यालय पर खाली कराया था। खरीदारी के लिए पंचायतों को वर्क ऑर्डर दिए हैं।

इनका यह दावा
ग्राम पंचायत भापोर : ग्राम विकास अधिकारी मणिलाल कटारा ने बताया कि उन्होंने 100 एमएल के एक सौ सेनेटाइजर, एक हजार मास्क और 66 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड क्रय किया। करीब 17 हजार का सामान खरीदा और दस हजार रुपए मजदूरी दी। ग्राम पंचायत नवागांव: ग्राम विकास अधिकारी पीयूष नेमा ने बताया कि 100 एमएल के 70 सेनेटाइजर, 1400 मास्क तथा दो सौ लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड क्रय किया। इन्हें पंचायत के सरकारी दफ्तरों में वितरित किया। ग्राम पंचायत नादिया : सरपंच अंकित निनामा ने बताया कि 150 सेनेटाइजर, 1200 मास्क और 66 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड खरीदा। मास्क बाहर से आने वाले लोगों को दिए। ग्रामीणों में भी वितरण कराया।

इनका कहना है
इधर, मामले में जिला परिष बांसवाड़ा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोविंदसिंह राणावत का कहना है कि कोविड-19 से बचाव के लिए सामग्री क्रय करने में यदि कहीं भी अनियमिता सामने आएगी तो संबंधित कार्मिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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