
नकली घी के मामलों को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की सुस्ती कुछ कम होती नजर आ रही है। टीमें अब इनपुट के आधार पर कार्रवाई को लगातार अंजाम दे रही है। जिले में नकली घी के मामले लगातार पकड़ में आने लगे है। शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी नकली के संदेह में देसी घी की खेप सीज की जा रही है। बाड़मेर कृषि मंडी में विभाग की टीम ने सोमवार को महावीर सेल्स एजेंसी पर छापे की कार्रवाई करते हुए नकली के संदेह में 883 लीटर देसी घी सीज किया है। टीम ने एजेंसी में मिले घी के दो अलग-अलग ब्रांड के नमूने लेकर जांच को भेजे हैं।
अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) डॉ. संजीव कुमार मित्तल ने बताया कि जिला कलक्टर की ओर से जनहित को देखते हुए मिलावट खोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हुए है। विभाग की अलग-अलग टीमें शिकायत के आधार पर मिलावट के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहुंच रही है। बाड़मेर में सोमवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेशचन्द्र शर्मा ने यहां कृषि उपज मण्डी बाड़मेर में महावीर सेल्स एजेंसी पर छापे की कार्रवाई की। फर्म पर दो अलग-अलग ब्राण्ड के 883 लीटर घी मिलावट संदेह में सीज किया। टीम ने नमूने भी भरे है। टीम ने एमएफटीएल टेक्नीशियन नरेश कुमार व होमगार्ड महेन्द्र कुमार शामिल रहे।
बाड़मेर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले 18 माह मे 800 से अधिक सैंपल खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2005 व विनियम 2011 के तहत लिए गए। जिसमें से मिलावटी घी पर कार्रवाई करते हुए 150 घी के नमूने लिए गए। जिसमें से 55 सैंपल फेल पाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा ने बताया कि गत 18 माह में विभाग ने 20 हजार 842 लीटर से अधिक घी को मिलावट के संदेह पर सीज किया गया। मिलावट खोर 39 फर्मों के खिलाफ न्यायालय में विभाग द्वारा परिवाद पेश किए। जिसमें न्यायालय ने जनस्वास्थ्य से जुड़ा विषय होने के कारण गम्भीरता से लेते 39 फर्मों के खिलाफ 52 लाख 85 हजार का जुर्माना लगाया गया। शर्मा ने बताया कि ऐसे खाद्य कारोबारकर्ता जो आदतन मिलावटी खाद्य सामग्री का विक्रय करते है, ऐसी फर्म को जुर्माना राशि राजकोष में जमा करवाने के लिए नोटिस जारी कर दिए है। फर्मों द्वारा समय पर राजकोष में जुर्माना जमा नहीं करवाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के नियमानुसार किसी फर्म का तीन से अधिक बार सैंपल अनसेफ या अवमानक स्तर का पाया जाता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एंव औषधि नियंत्रण कार्यालय द्वारा खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2005 व विनियम 2011 के तहत धारा 64 की कार्रवाई कर एफएसएसए एक्ट के तहत फूड लाइसेंस निरस्त कर दिया जाता है। साथ ही फर्म को हमेशा के लिए ब्लेक लिस्टेड कर दिया जाता है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका में जिले में फैल रहे नकली देसी घी के कारोबार को लेकर सिलेसिलेवार समाचार अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार जाग रहे है। अब अधिकारी मौके पर पहुंच कर मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं।
Published on:
01 Jul 2024 09:24 pm
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