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‘सर्दी की दस्तक में बाजरा के व्यंजनों से उठाएं मौसम का लुत्फ’

- केवीके दांता में संस्थागत प्रशिक्षण आयोजित

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‘सर्दी की दस्तक में बाजरा के व्यंजनों से उठाएं मौसम का लुत्फ’

‘सर्दी की दस्तक में बाजरा के व्यंजनों से उठाएं मौसम का लुत्फ’

बाड़मेर. बाजरा पश्चिमी राजस्थान अर्थात थार प्रदेश की मुख्य पैदावार फसल है, इसके लिए यहां की भौगोलिक व पर्यावरणीय परिस्थितियां सहायक है। बाजरा इस क्षेत्र का मुख्य खाद्य पदार्थ भी है।उक्त बात कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने कृषक महिलाओं के संस्थागत प्रशिक्षण में कही।

उन्होंने बताया कि कृषक व ग्रामीण महिलाएं मूल्य संवर्धन को अपनाकर अच्छी आय के साथ स्वरोजगार भी कर सकती हैं। प्रशिक्षण की प्रभारी व गृह वैज्ञानिक डॉ. सोनाली शर्मा ने कहा कि बाजरे से हमें भरपूर ऊर्जा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस तथा लौह तत्व अर्थात संपूर्ण पोषण प्राप्त होता है।

जिले की महिलाएं केक, बिस्किट, मठरी तथा शक्करपारे जैसे व्यंजन बनाना सीख रही है और पोषण के साथ स्वाद में भी भिन्नता ला रही है। महिलाएं गृह उद्योग के माध्यम से इन व्यंजनों को तैयार कर घर बैठे कमाई करने का आसान तरीका अपना सकती है।

गृह विज्ञान विभाग की कार्यक्रम सहायक रेखा दातवानी ने बताया कि 20 महिलाओं के समूह ने 5 किलो देसी बाजरे के आटे से मठरी, शक्करपारे, बिस्किट तथा केक तैयार किए, जिनको प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से सिखाया गया।