14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Hanuman Beniwal: बाड़मेर में हनुमान बेनीवाल का बड़ा आरोप, कहा : कैलाश चौधरी के काफिले पर हमले के लिए गहलोत जिम्मेदार

Barmer News: सांसद बेनीवाल ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था चरमराई हुई है और सरकार ब्यूरोक्रेसी के भरोसे चल रही है।

2 min read
Google source verification
hanuman beniwal

पत्रिका फोटो

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के सांसद हनुमान बेनीवाल रविवार शाम बाड़मेर पहुंचे। उन्होंने महावीर टाउन हॉल में आयोजित होली स्नेह मिलन कार्यक्रम में भाग लिया। निर्धारित कार्यक्रम से छह घंटे देरी से पहुंचने के बावजूद कार्यकर्ताओं का जोश बना रहा। शहर में काफिले का भव्य स्वागत किया गया।

समारोह में बेनीवाल ने कहा कि बाड़मेर के युवाओं ने जो समर्थन दिया है, वह हमेशा याद रहेगा। उन्होंने कहा कि वे राजस्थान में नया नेतृत्व तैयार कर रहे हैं और हर समाज के लोगों को आगे लाने का प्रयास कर रहे हैं। उत्तरप्रदेश में बड़ी जातियों ने एक होकर चुनाव लड़ा और क्षेत्रीय पार्टियां मजबूत हुईं, इसलिए वहां भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ दूसरे दलों के लोग मुख्यमंत्री बने। इसी तर्ज पर राजस्थान में लोगों को सोचने की जरूरत है।

सांसद बेनीवाल ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था चरमराई हुई है और सरकार ब्यूरोक्रेसी के भरोसे चल रही है। उन्होंने बायतु में पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी के काफिले पर हुए हमले का जिक्र करते हुए इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और एक आइएएस अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया।

बजरी माफिया पर कार्रवाई का दावा

बेनीवाल ने कहा कि आरएलपी के आंदोलन के बाद बजरी माफिया के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों ने कार्रवाई की, जिससे इनकी मनमानी पर रोक लगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कानून व्यवस्था, पेपर लीक, किसान कर्जमाफी, टोल माफी सहित कई जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया है।

80% नौकरियां स्थानीय लोगों को मिले

सांसद ने कहा कि तेल कंपनियों और रिफाइनरी में स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही, क्योंकि ठेकेदारों और नेताओं की मिलीभगत है। उन्होंने मांग की कि कम से कम 80% नौकरियां स्थानीय लोगों को मिलनी चाहिए। इसके लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा।

यह वीडियो भी देखें

डीजे की धुन पर नाचे कार्यकर्ता

बेनीवाल के बाड़मेर पहुंचने पर सिणधरी सर्किल से कॉलेज रोड तक भारी भीड़ उमड़ी। उनके काफिले में सैकड़ों गाड़ियां शामिल थीं। डीजे की धुन पर कार्यकर्ताओं ने नाचते-गाते हुए स्वागत किया, जिससे कई जगह जाम की स्थिति बन गई।

बेनीवाल और मानवेन्द्र गले मिले

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल व पूर्व सांसद एवं भाजपा नेता मानवेंद्रसिंह की रविवार को जोधपुर मार्ग पर हुई मुलाकात चर्चा में रही। मानवेंद्र सिंह को देखते ही हनुमान बेनीवाल रुके, दोनों आपस में गले मिले। बेनीवाल ने मानवेंद्र के साथ चल रहे लोगों से कहा कि साहब का ध्यान रखा करो।

यह भी पढ़ें- राजस्थान पुलिस के समर्थन में उतरे हनुमान बेनीवाल और रविंद्र सिंह भाटी, CM भजनलाल से की ये खास अपील

बड़ी खबरें

View All

बाड़मेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग

शिवशक्ति जसदेर धाम में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़ बाड़मेर। शहर के शिवशक्ति जसदेर धाम में महाशिवरात्रि और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा का वाचन करते हुए पांचवे दिन साध्वी सत्यसिद्धा गिरी ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण अमोघ फलदायी है। यह जन्म जन्मांतर के पापों का नाश करता है। मोक्ष, ज्ञान, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। श्रद्धापूर्वक कथा सुनने से असाध्य रोग, संतानहीनता और भाग्यहीनता दूर हो जाती है। यह मन को शुद्ध करती है, भक्ति भाव बढ़ाती है और साधक को शिवलोक प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। शिव तत्व की व्याख्या करते बताया कि हिंदू दर्शन, विशेषकर शैव मत में शिव तत्व परम चेतना, शुद्ध ऊर्जा और निराकार ईश्वर का मूल सिद्धांत है। यह समय, स्थान तथा पंचतत्वों से परे है और सृजन विनाश का आधार है। शिव तत्व हर प्राणी में व्याप्त निर्गुण आत्मा है, जो शाश्वत आनंद और अहं चेतना का स्वरूप है। रामपुरी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर का नाम जप और सद्कर्मों के मार्ग पर चलकर ही जीवन का उद्धार संभव है। उन्होंने सभी भक्तों से महाशिवपुराण कथा का श्रवण करने का आह्वान किया तथा युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। 15 फरवरी शिवरात्रि को रुद्राभिषेक, मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य रात्रि जागरण में प्रसिद्ध भजन गायक कालु सिंह गंगासरा, कुंभाराम कुम्भवाणी, रणवीर सिंह राठौड सहित कई कलाकार प्रस्तुति देंगे। मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड ने बताया कि पांचवें दिन की कथा के दौरान स्वामी प्रतापपुरी महाराज के शिष्य रामपुरी महाराज, सावल पुरी, बलदेव पुरी महाराज तारातरा, जेठपुरी महाराज, हुकमपुरी महाराज, नरेंद्र पुरी और संतोष पुरी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। कथा में दीपक कडवासरा, कैलाश कोटडिया, पवन ऐचरा, अर्जुन सिंह महेचा, पदम सिंह भियाड, नारायण सिंह गोगादेव, पृथ्वीसिंह महेचा, भुरसिंह दोहट, लूणाराम माली, दीपक माली, कालु माली, उगम सिंह सोलंकी, मोहन लाल माली, रमेश कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, धनश्याम जागिड, दुर्गाराम राव

शिवशक्ति जसदेर धाम में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़ बाड़मेर। शहर के शिवशक्ति जसदेर धाम में महाशिवरात्रि और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा का वाचन करते हुए पांचवे दिन साध्वी सत्यसिद्धा गिरी ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण अमोघ फलदायी है। यह जन्म जन्मांतर के पापों का नाश करता है। मोक्ष, ज्ञान, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। श्रद्धापूर्वक कथा सुनने से असाध्य रोग, संतानहीनता और भाग्यहीनता दूर हो जाती है। यह मन को शुद्ध करती है, भक्ति भाव बढ़ाती है और साधक को शिवलोक प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। शिव तत्व की व्याख्या करते बताया कि हिंदू दर्शन, विशेषकर शैव मत में शिव तत्व परम चेतना, शुद्ध ऊर्जा और निराकार ईश्वर का मूल सिद्धांत है। यह समय, स्थान तथा पंचतत्वों से परे है और सृजन विनाश का आधार है। शिव तत्व हर प्राणी में व्याप्त निर्गुण आत्मा है, जो शाश्वत आनंद और अहं चेतना का स्वरूप है। रामपुरी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर का नाम जप और सद्कर्मों के मार्ग पर चलकर ही जीवन का उद्धार संभव है। उन्होंने सभी भक्तों से महाशिवपुराण कथा का श्रवण करने का आह्वान किया तथा युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। 15 फरवरी शिवरात्रि को रुद्राभिषेक, मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य रात्रि जागरण में प्रसिद्ध भजन गायक कालु सिंह गंगासरा, कुंभाराम कुम्भवाणी, रणवीर सिंह राठौड सहित कई कलाकार प्रस्तुति देंगे। मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड ने बताया कि पांचवें दिन की कथा के दौरान स्वामी प्रतापपुरी महाराज के शिष्य रामपुरी महाराज, सावल पुरी, बलदेव पुरी महाराज तारातरा, जेठपुरी महाराज, हुकमपुरी महाराज, नरेंद्र पुरी और संतोष पुरी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। कथा में दीपक कडवासरा, कैलाश कोटडिया, पवन ऐचरा, अर्जुन सिंह महेचा, पदम सिंह भियाड, नारायण सिंह गोगादेव, पृथ्वीसिंह महेचा, भुरसिंह दोहट, लूणाराम माली, दीपक माली, कालु माली, उगम सिंह सोलंकी, मोहन लाल माली, रमेश कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, धनश्याम जागिड, दुर्गाराम राव