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प्रेमी के प्यार में पागल मां ने बेटे का जबरन करवाया धर्म परिवर्तन, पति को छोड़कर भागी थी

Barmer News: कोर्ट ने 8 साल के मासूम के जबरन धर्म परिवर्तन और खतना करने पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने पीड़ित बच्चे की मां सहित तीन आरोपियों को 10-10 साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

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forced religious conversion

प्रतीकात्मक तस्वीर

पति को छोड़कर गई एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर आठ साल के बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन व खतना करवाया। इस मामले में मध्यप्रदेश के इन्दौर कोर्ट ने बच्चे की मां सहित तीन जनों को दस-दस साल के कारावास की सजाई सुनाई है।

बच्चे का पिता राजस्थान के बाड़मेर निवासी एक व्यापारी है। मामले के अनुसार बाड़मेर के रहने वाले व्यापारी ने इंदौर के खजराना थाने में मामला दर्ज करवाया कि जून 2014 में उसकी शादी शाजापुर में हुई थी। पत्नी चार साल उसके साथ रही। 25 फरवरी 2018 को पत्नी एवं बेटे के साथ सगाई कायक्रम में शामिल होने के लिए ससुराल शाजापुर गया था।

बस से लापता हुई पत्नी और बेटा

कार्यक्रम के बाद वहां से लौट रहे थे। इस बीच पत्नी एवं बेटा रतलाम के सालाखेड़ी के पास बस से लापता हो गए। दोनों की गुमशुदगी रतलाम थाने में दर्ज कराई। प्रकरण में पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित की पत्नी इंदौर के एक व्यक्ति के साथ गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।

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कोर्ट ने सुनाई सजा

इस प्रकरण को लेकर चल रहे केस में इंदौर कोर्ट ने 8 साल के मासूम के जबरन धर्म परिवर्तन और खतना करने पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने पीड़ित बच्चे की मां सहित तीन आरोपियों को 10-10 साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। धारा 5 धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 में 7-7 साल का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए का जुर्माना जबकि धारा 420 और 468 में 5-5 साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

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शिवशक्ति जसदेर धाम में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़ बाड़मेर। शहर के शिवशक्ति जसदेर धाम में महाशिवरात्रि और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा का वाचन करते हुए पांचवे दिन साध्वी सत्यसिद्धा गिरी ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण अमोघ फलदायी है। यह जन्म जन्मांतर के पापों का नाश करता है। मोक्ष, ज्ञान, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। श्रद्धापूर्वक कथा सुनने से असाध्य रोग, संतानहीनता और भाग्यहीनता दूर हो जाती है। यह मन को शुद्ध करती है, भक्ति भाव बढ़ाती है और साधक को शिवलोक प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। शिव तत्व की व्याख्या करते बताया कि हिंदू दर्शन, विशेषकर शैव मत में शिव तत्व परम चेतना, शुद्ध ऊर्जा और निराकार ईश्वर का मूल सिद्धांत है। यह समय, स्थान तथा पंचतत्वों से परे है और सृजन विनाश का आधार है। शिव तत्व हर प्राणी में व्याप्त निर्गुण आत्मा है, जो शाश्वत आनंद और अहं चेतना का स्वरूप है। रामपुरी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर का नाम जप और सद्कर्मों के मार्ग पर चलकर ही जीवन का उद्धार संभव है। उन्होंने सभी भक्तों से महाशिवपुराण कथा का श्रवण करने का आह्वान किया तथा युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। 15 फरवरी शिवरात्रि को रुद्राभिषेक, मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य रात्रि जागरण में प्रसिद्ध भजन गायक कालु सिंह गंगासरा, कुंभाराम कुम्भवाणी, रणवीर सिंह राठौड सहित कई कलाकार प्रस्तुति देंगे। मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड ने बताया कि पांचवें दिन की कथा के दौरान स्वामी प्रतापपुरी महाराज के शिष्य रामपुरी महाराज, सावल पुरी, बलदेव पुरी महाराज तारातरा, जेठपुरी महाराज, हुकमपुरी महाराज, नरेंद्र पुरी और संतोष पुरी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। कथा में दीपक कडवासरा, कैलाश कोटडिया, पवन ऐचरा, अर्जुन सिंह महेचा, पदम सिंह भियाड, नारायण सिंह गोगादेव, पृथ्वीसिंह महेचा, भुरसिंह दोहट, लूणाराम माली, दीपक माली, कालु माली, उगम सिंह सोलंकी, मोहन लाल माली, रमेश कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, धनश्याम जागिड, दुर्गाराम राव

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