
इन्द्रराजा की मेहरबानी पर टिका थार में पौधरोपण का लक्ष्य
बालोतरा.
मानसून थमने से जिले में वन विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कमजोर बारिश पर विभाग विभाग को पौधरोपण कार्य रोकना पड़ा है। वहीं, वर्षा मेंं देरी पर लगाए पौधों के जलने की चिंता सताए जा रही है। विभाग इन्द्रदेव पर मेहरबानी की प्रार्थना कर रहा है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर वन विभाग की ओर से प्रति वर्ष प्रदेश भर में पौधरोपण किया जाता है। मानसून होने पर विभाग पौधरोपण करता है, लेकिन इस वर्ष जिले में कमजोर बारिश ने उसकी मुश्किलें बढ़ गई है। केम्पा, जलवायु परिवर्तन, मरू प्रसार रोकथाम व मुख्यमंत्री जल स्वालंबन योजना में इस वर्ष जिले में 756 हेक्टेयर में पौधरोपण किया जाना प्रस्तावित है। केम्पा योजना में 431.16 हेक्टेयर,जल वायु परिवर्तन मरू प्रसार रोकथाम योजना में 325 हेक्टेयर में पौधरोपण किया जाना है। केम्पा योजना में प्रति हेक्टेयर 600 व वायु परिवर्तन मरू प्रसार रोकथाम योजना में प्रति हेक्टेयर 500-700 पौधे लगाए जाने हैं। खेजड़ी, नीम, सरेस, रोयड़ा, झाल, कुमट आदि के लगाए जाने वाले पौधे तैयार है। सप्ताह पूर्व हुई वर्षा पर वन विभाग ने पौधरोपण शुरू किया, लेकिन बारिश थमने के साथ कार्य रोक दिया। क्योंकि बारिश के अभाव में लगाए पौधों के जलने की संभावना अधिक है। जिले में इस वर्ष 3 लाख पौधे लगाए जाने प्रस्तावित है, लेकिन विभाग अब तक नाममात्र 5 से 8 हजार ही पौधे लगा पाया है।
अब बारिश का इंतजार- मौसम में परिवर्तन के साथ कम बारिश होने से पौधरोपण कार्यक्रम पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। वन विभाग मानसून का इंतजार कर रहा है। अब तक मानसून सक्रिय नहीं होने से जिले में अनियमित बरसात हुई है, जिसका असर पौधरोपण कार्यक्रम पर नजर आ रहा है।
वर्षा बंद होने पर रोका काम- जिले में विभिन्न योजनाओं में 756 हेक्टेयर में 3 लाख पौधे लगाए जाने हैं। जिले में हुई बारिश पर करीब 8 हजार पौधे लगाए हैं। वर्षा बंद होने पर आगे का कार्य रोक लिया गया है। जिले में अच्छी वर्षा होने पर प्राथमिकता से पौधरोपण किया जाएगा। - विक्रम केशरी प्रधान, उप वन संरक्षक बाड़मेर
Published on:
04 Jul 2018 12:04 am
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