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थार में रात को जमकर बरसे मेघ, नदी-नाले उफान पर

-देर रात को बरसात से शहर में कई स्थानों पर भरा पानी
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moolaram barme

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Updated: 29 Jul 2017, 11:04 AM IST

-08 ग्राम पंचायतें गुड़ामालानी की जिनसे संपर्क कटा

- 05 धोरीमन्ना की ग्राम पंचायतों में नर्मदा के पानी का खतरा

- 10 रोडवेज की बसें जालोर, डूंगरपुर, कोटा और चित्तौडग़ढ़ रूट पर चली

- 15 रोडवेज की बसें अहमदाबाद, उदयपुर मार्ग पर अभी भी बंद

- 02 नदियां सूकड़ी और लूणी में बह रहा है पानी

जिलेभर में शुक्रवार को पूरे दिन राहत के बाद शुक्रवार को तेज हवा के साथ बरसे पानी ने लोगों के लिए आफत खड़ी कर दी है। पिछले दिनों से लगातार चल रहा बरसात का सिलसिला गुरुवार को कुछ धीमा हुआ था। लेकिन शुक्रवार शाम से फिर शुरू हुई भारी बरसात से अब लोगों की चिंता बढऩे लगी है।

बाड़मेर शहर में दिन में बरसात नहीं होने पर लोगों को कुछ राहत मिली थी। लेकिन शाम होते-होते फिर तेज बरसात का दौर शुरू हो गया, जो रात को और बढ़ गया।

देर रात को मूसलाधार बरसात से सड़कें दरिया बन गई। कई स्थानों पर पानी का अत्यधिक भराव होने से आवाजाही प्रभावित हुई। दूसरी तरफ गावों में तेज बरसात से कई जगह पानी भराव से लोगों की चिंता बढ़ रही है।

बिशाला जाने वाले रास्ते बंद

बाड़मेर व अन्य स्थानों से बिशाला जाने वाले रास्ते बरसाती पानी के कारण बंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कनोड़ा में दो बांध टूट जाने से सुथारों की ढाणी के 25-30 घरों में पानी भर गया। लोगों ने ऊंचे धोरों पर शरण ली है।

हालांकि ऊंचे स्थान पर जरूर लोग पहुंचे हैं, लेकिन बरसात लगातार होने से परेशानी बढ़ी है। वहीं भादेरश के ईश्वरपुरा में घरों में पानी घुसने पर लोगों को स्कूल में ठहराया गया है।

जिले के बालोतरा, पचपदारा, सिवाना, राणीगांव, देरासर, रड़वा, भियांड, गुड़ामालानी, गूंगा सहित जिले के कई स्थानों पर तेज बरसात से जगह-जगह पानी भर गया है। जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील

जिले के गुड़ामालानी की रतनपुरा क्षेत्र की आठ पंचायतों में लूणी के पानी ने संकट खड़ा कर दिया है। इन ग्राम पंचायतों का आवागमन का रास्ता बंद हो गया है।

धोरीमन्ना की पांच ग्राम पंचायतों के लोगों को नर्मदा के पानी के संकट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। जिले में एक महीने में ही बारिश ने सालभर का रिकार्ड तोड़ दिया है। औसत बारिश 350 मिमी पहुंच गई है।

कुछ बसों का संचालन शुरू

गुजरात से कटा हुआ जिले का संपर्क शुक्रवार को शुरू हुआ। पांच दिन बाद निजी थराद होते हुए गुजरात रवाना हुई। इसी तरह बाड़मेर से रोडवेज ने जालोर, चित्तौडग़ढ़, डूंगरपुर और कोटा के रास्ते पर बसें शुरू की। जालोर के लिए बस अब वाया विशनगढ़ जा रही है।

रोडवेज का अहमदाबाद और उदयपुर का मार्ग बंद है जहां अभी 15 बसें निरस्त चल रही है। रोडवेज के यातायात प्रबंधक ओमप्रकाश पूनिया ने बताया कि बिना किसी संकट के जिन रास्तों से बसें जा सकती है वहां रवाना की जाएगी।

प्रशासन भी नहीं कर पा रहा मदद

गुड़ामालानी से चार किलोमीटर दूर रतनपुरा गांव की सरहद में लूणी नदी का पानी शुक्रवार को पहुंच गया। जालोर मार्ग के इस गांव में लूणी संपर्क सड़क पर आने के बाद आठ ग्राम पंचायतों रतनपुरा, लूणवा नाडी, डेडावा, आमलिया, गोदावास, भाखरपुरा, खारवा, सिंदासवा हरणियान का गुड़ामालानी से संपर्क कट गया है। प्रशासन के लिए भी लाचारगी है कि इस ओर से अब इन लोगांे की कोई मदद नहीं की जा सकती है।

हालांकि लोगों को पहले से ही सचेत कर दिया गया था इस कारण उन्होंने अपने राशन पानी का प्रबंध कर लिया है। सिणधरी की ओर से गादेसरा लोलावा का एक ही मार्ग अब इन गांवों के लिए आने जाने का रास्ता रहेगा।

नहर तोडऩे का प्रयास

धोरीमन्ना क्षेत्र में नर्मदा नहर को लेकर संकट टला नहीं है। अरणियाली, आलेटी, माणकी, सेसवा सहित करीब पांच गांवों के लोग संकट में घिरे हंै।

पांच दिन से घरों के बाहर बैठे ये लोग अब भी पानी उतरने का इंतजार कर रहे हंै। लोगों ने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रखी है।

इधर नर्मदा का भय इस कदर है कि शुक्रवार को कई लोग नहर तोडऩे को उतारू हो गए। पुलिस व प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की। साथ ही लोगों को यहां से दूर किया। उनको सुरक्षित स्थान पर जाने का कहा।

जिले में शुक्रवार रात 11.30 बजे तक बरसात

बाड़मेर-20

चौहटन-40

गुड़ामालानी-57

शिव-22

पचपदारा-54