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मातमी धुनों के बीच निकला ताजिया, मोहर्रम का त्यौहार अकीदत के साथ मनाया गया

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मातमी धुनों के बीच निकला ताजिया, मोहर्रम का त्यौहार अकीदत के साथ मनाया गया


बाड़मेर. शोहदा ए कर्बला इमाम हुसैन की शहादत में शुक्रवार को मोहर्रम का त्यौहार अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर अकीदतमंदों ने शहर में ताजिया निकाला।

ताजिए का जुलूस कोतवाली से रवाना होकर गांधी चौक होते हुए पुरानी सब्जी मंडी स्थित बावडी चौक पहुंचा। ढोल व तासों पर मातमी धुनों के साथ करतबबाजों ने हैरतअंगेज कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मोहर्रम कमेटी के नजीर मोहम्मद ने बताया कि बावडी चौक में गणपति पंडाल व ताजिए का कार्यक्रम साथ आयोजित होने से साम्प्रदायिक सौहार्द नजर आया। दोपहर में जुलूस रवाना होकर शाम को गेहंू रोड स्थित कर्बला मैदान पहुंचा वहां ताजिया दफनाया गया। जुलूस के दौरान बच्चों को ताजिए के नीचे से निकाल कर लम्बी आयु व खुशहाली की कामना की। वहीं अकीदत से फूल पेश किए। शहर भर में विभिन्न संगठनों की ओर से पुष्पवर्षा की गई।

कौमी एकता कार्यक्रम : जाकिर हुसैन न्यारगर ने बताया कि इस मौके पर बावड़ी चौक में कौमी एकता का कार्यक्रम हुआ। इसमें विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि यहां पर हिन्दू- मुस्लिम मिलकर कार्यक्रम में भाग लेते हैं। यह साम्प्रदायिक सौहार्द का बेमिसाल उदाहरण है। आपसी भाईचारा इसी प्रकार बना रहे। कमेटी की ओर से विधायक व कार्यक र्ताओं का साफा व माला पहना कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रकाश सर्राफ, उपखंड अधिकारी नीरज मिश्र, निशार, सुल्तान, कासमशाह रमजान, सलमान कोटवाल, विनोद, हुसैन सिपाही, दोस्त मोहम्मद, पप्पू, शौकत, हनीफ न्यारगर, अली मीर, जावेद, दमरान आदि मौजूद रहे।

बाड़मेर . मुस्लिम युवा कमेटी, आम मुस्लिम समाज व मुस्लिम इंतेजामिया कमेटी की ओर से शहर के गेहंू रोड स्थित ईदगाह मैदान में शुक्रवार को कर्बला कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
मुख्य वक्ता गांधीधाम गुजरात के मौलाना सिद्धीक ने कहा कि इमाम हुसैन कर्बला के मैदान में इंसानियत और हक की राह में शहीद हो गए। मुसलमान इंसानियत की सलाह चाहता है। जो दहशतगर्द हैं वं इंसानियत के दुश्मन हैं।

इनका इस्लाम से कोई लेना- देना नहीं। मुसलमान होकर हुसैनी दावा करने वालों को यजीदी कार्य छोडऩा होगा। कार्यक्रम के दौरान जामा मस्जिद व ईदगाह में जुम्मे की नमाज अदा कर दुआएं मांगी। विशिष्ट अतिथि मकराना शरीफ के हजरत मौलाना असलम रब्बानी ने मोमीन भाइयों को यजीदी कार्य छोडऩे का आग्रह करते हुए शराब, जुआ, गीबत से दूर रहने की अपील की।

बीकानेर के पीर सैयद जमील साहब कादरी ने कहा कि बुनियादी तौर पर हुसैन ने नाना जान की शरीयत को बचाया है। शोहदाये कर्बला कार्यक्रम में शिरकत करने वाला प्रत्येक मुसलमान हुसैनी है। मुस्लिम युवा कमेटी के सदर अबरार मोहम्मद, मुस्लिम इंतेजामिया कमेटी के सदर हाजी अब्दुल गनी खिलजी, जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी मोलाना लाल मोहम्मद सिद्धिकी, मौलाना मुख्तार अशफाकी, जियाउल मुस्तफा मदरसा के सदर ए मुदर्रिश मौलाना मठार सिद्धिकी, मौलाना निहालुदीन, कारी निजाम से सम्बोधित किया। कार्यक्रम में मुस्लिम महासभा के अध्यक्ष पद पर याकूब तेली की नियुक्ति पर सम्मान किया गया।