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जिले के 35 विभागों के 2 हजार कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद सरकारी काम ठप हो गए, पिछले 13 दिनों से ये डांवाडोल

patrika.com/barmer-news/

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जिले के 35 विभागों के 2 हजार कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद सरकारी काम ठप हो गए, पिछले 13 दिनों से हुआ ये डांवाडोल

बाड़मेर.
जिले के करीब 35 विभागों के दो हजार कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद सरकारी काम ठप हो गए हैं। यह स्थिति पिछले 13 दिनों से बनी हुई है। हड़ताल के कारण कलक्ट्रेट, जिला परिषद, पंचायत समिति, नगर परिषद, रसद, शिक्षा विभाग में कामकाज ठप है।

वहीं रोडवेज के चक्काजाम के चलते यात्री परेशान हैं। तेरह दिन बीतने के बावजूद सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नजर रहीं आ रही है। सभी विभागों से आम जनता के आवश्यक कार्य होते हैं। लेकिन कर्मचारी नहीं होने से काम ठप है। मंत्रालयिक कर्मचारी जयपुर में महापड़ाव डाल कर बैठे हैं। वहीं कई संगठनों के जिला मुख्यालय पर धरने चल रहे हैं।

बिजलीकर्मी आज से सामूहिक अवकाश पर
राजस्थान विद्युत संयुक्त कर्मचारी एकता मंच के पदाधिकारियों की न्यू पावर हाउस स्थित मंदिर परिसर में बैठक हुई। इसमें निगम प्रशासन की वादा खिलाफी की निन्दा की गई। साथ ही बुधवार से सामूहिक अवकाश व गुरुवार को जयपुर चलने का आह्वान किया गया।

यह कार्य हो रहे प्रभावित
कलक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं से जुड़े आमजन के कार्य ठप।
रोडवेज बस संचालन ठप होने से यात्रियों की आवाजाही में परेशानी।
ग्राम पंचायतों के ताले नहीं खुल रहे।
ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा सहित अन्य कार्य बंद।
सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित।
कर्मचारियों के वेतन अटकने की आशंका।

राजस्थान राज्य एलएचवी/एएनएम एसोसिएशन के बैनर तले महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता व दर्शिका ने मंगलवार को नौ सूत्री मांग पत्र जिला कलक्टर को सौंपकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की। उन्होंने महिला स्वास्थ्य दर्शिका से लॉग सुपरवाइजर पर पदोन्नति, काउंसलिग के बाद नियुक्ति, नर्स गे्रड द्वितीय, वेतन कटौती नहीं करने सहित कई तरह की मांगों के निस्तारण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

जिले के पशुधन सहायकों व पशु चिकित्सा सहायकों ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर अहिंसा सर्कल पर माल्यार्पण कर शांति मार्च निकाला। राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रतनलाल गौड़ ने बताया कि सामूहिक अवकाश पर चल रहे कार्मिकों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

हमारी मांगों का निस्तारण होना चाहिए
&बाड़मेर जिले के 1400 मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर पिछले 13 दिन से हड़ताल पर हंै। कार्य प्रभावित हो रहा है लेकिन सरकार हमारी सुनवाई नहीं कर रही है। सरकार हमारी मांगों का निराकरण करे।
- टीलसिंह महेचा, जिलाध्यक्ष, राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ

राजस्व विभाग, डिस्कॉम सहित कई विभागों के कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। मांगों को नहीं माना तो कार्य बहिष्कार और महापड़ाव का हिस्सा बनने की चेतावनी कार्मिक दे चुके हैं। इधर, पंचायत सहायक हड़ताल पर हैं।

ये हैं मांगे
मंत्रालयिक : वेतन विसंगति व कैडर सुधार, गे्रड पे सुधार, सृजित पदों पर पदोन्नति, कम्प्यूटर भत्ता व अन्य।
रोडवेज : वेतन विसंगति दूर करना, एरियर भुगतान एवं बकाया मंहगाई भत्ता, रिक्त पदों को भरना आदि।

लेखा विभाग : कनिष्ठ लेखाकर को 4200 गे्रड पे देना, कनिष्ठ लेखाकार का नाम बदलना, अधीनस्थ लेखा सवंर्ग में 2 टीयर पद्धति लागू करना व अन्य।
पंचायत समिति : कैडर सुधार, वेतन विसंगति, पदोन्नति, छठे वेतन आयोग की विसंगति दूर करना आदि।