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योग से भागा रोग, किसी को हार्ट की बीमारी में राहत तो किसी को मोटापे से छुटकारा

डिजिटल युग में मोबाइल ,स्क्रीन से चिपके व्यक्ति को योग प्रकृति की ओर लौटने का रास्ता दिखाने के साथ वर्तमान में जीना सिखाता है । 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इसके महत्व को लेकर की चर्चा में लोगों ने अपने अनुभवों पर इसे मानवमात्र के लिए वरदान बताया। किसी को बीमारियों से छुटकारा मिला तो किसी को खुशहाल जिंदगी जीने की तरीका।

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- योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर

योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण जीवनशैली है। इससे हम तन, मन , आत्मा को संतुलित कर सकते हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता, मानसिक अवसाद से परेशान लोगाें के लिए योग अमृत के समान है। यह न केवल रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है, बल्कि इन्हें जन्म नहीं लेने देता। योग के नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन बढ़ता, रक्त संचार सुधरता , पाचन तंत्र मजबूत होता है। एकाग्रता, ,आत्मविश्वास बढ़ता है। लोगों की जुबानी

मुझे किडनी रोग संबंधी समस्या थी, इस पर उपचार के बाद मैंने योग करना प्रारंभ किया। वर्ष 2007 से नियमित योग कर रहा हूं। इससे मैं पूर्ण स्वस्थ हूं। इसने मेरा पूरा जीवन ही बदल दिया।- करनाराम हुड्डा

मेरा पेट भारी रहने के साथ अपच, वॉल्व की बीमारी थी। इस पर वर्ष 2008 मैं मैंने योग करना प्रारंभ किया। तब से आज दिन तक नियमित योग कर रहा हूं। हद्धय संबंधी जांच में एक भी ब्लॉकेज नहीं आया। योग मानव मात्र के लिए वरदान है।- हनुमान डऊकिया

बिगडी जीवन शैली पर मैं मोटापे व इससे संबंधी बीमारियों से ग्रस्त था। इस पर वर्ष 2012 में योग करना प्रारंभ किया। नियमित योग से मैं आज पूर्ण स्वस्थ हूं। मेरी स्फूर्ति कई गुणा बढ़ गई है।- खीयाराम भादू

स्कूल शिक्षा से ही मैं वर्ष 2003 से योग कर रहा हूं। इससे मेरा जीवन ही बदल गया। मैं पूरे वर्ष स्वस्थ रहने के साथ हर समय ऊर्जावान रहता हूं। सुबह से देर रात तक काम के बावजूद थकान नहीं होती।- दिलीप गहलोत

पहले मुझे क्रोध बहुत आता था। हर समय नाखुश रहती थी। लेकिन वर्ष 2007 जब से योग करना प्रारंभ किया, मैं हर समय

खुश रहती हूं। क्रोध काफूर हो गया है। 75 वर्ष उम्र के बावजूद थकान नहीं होती।- कमला चौहान

पूरे दिन के भाग दौड़ वाले काम पर पहले जल्दी थकान होती। भोजन भी सही नहीं पचता। इस पर मैंने मित्र की सलाह पर योग करना प्रारंभ किया। पन्द्रह वर्ष से अधिक समय से इसे करने पर अब हर समय तरोताजा रहता हूं।- दिनेश सोलंकी

मुझे थायराइड था। इस पर हर समय थकान, गुस्सा रहता। दस वर्ष से अधिक समय पहले प्रारंभ किए योग पर पूरा जीवन ही बदल गया। दवाई छूटने के साथ अब पूरे समय प्रसन्न रहती हूूं।- पूनम शर्मा


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