
बस्सी टमाटर मंडी में तूंगा अनाज व सब्जी मंडी की दुकानों की नीलामी में भाग लेते व्यापारी व किसान। फोटो: पत्रिका
बस्सी। कृषि मंडी में ऐसा नजारा देखने को मिला, जहां हर बोली के साथ उत्साह, प्रतिस्पर्धा और उम्मीदें चरम पर पहुंचती नजर आई। कृषि मंडी तूंगा की अनाज व फल-सब्जी मंडी की 31 रिक्त व्यावसायिक दुकानों के लिए बस्सी स्थित टमाटर मंडी प्लेटफॉर्म पर नीलामी आयोजित की गई। क्षेत्रभर से पहुंचे सैकड़ों किसानों और व्यापारियों की मौजूदगी में दिनभर गहमागहमी बनी रही।
नीलामी के दौरान एक दुकान की बोली 64 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंच गई, जबकि कई दुकानों ने 45, 50 और 55 लाख रुपए तक के आंकड़े पार किए। ये सभी बोली दरें निर्धारित कीमत से काफी अधिक रही, जिससे मंडी की बढ़ती व्यापारिक संभावनाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उपखंड अधिकारी डॉ. गरिमा शर्मा की मौजूदगी में नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। जैसे-जैसे दुकानवार बोली आगे बढ़ती गई, प्रतिभागियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी तेज होती गई। मंडी प्रशासन के कर्मचारी आवेदनकर्ताओं के नाम बोलते हुए क्रमवार नीलामी को आगे बढ़ा रहे थे।
बस्सी और तूंगा क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग इस प्रक्रिया के साक्षी बने। मंडी सचिव सुभाष महावर ने बताया कि अनाज मंडी में एक दुकान दिव्यांग कोटे, 6 दुकानें एसटी वर्ग और 9 अन्य श्रेणियों के लिए आरक्षित थी। वहीं फल-सब्जी मंडी की 15 दुकानों में 2 एससी, 2 एसटी और 11 सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित थीं।
नीलामी के दौरान दिव्यांग कोटे की दुकान ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। इस दुकान की सरकारी दर 2.31 लाख रुपए थी, लेकिन बोली 11 लाख से शुरू होकर 33 लाख 80 हजार रुपए तक पहुंच गई।
करीब आधा दर्जन प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां बोली में कभी 10 हजार तो कभी 50 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी की जा रही थी। अंततः यह दुकान अखिलेश कुमार के नाम रही।
नीलामी में शामिल व्यापारियों और किसानों का कहना है कि मंडी क्षेत्र में व्यापार की बेहतर संभावनाओं के चलते उन्होंने ऊंची बोली लगाई। वहीं किसानों ने उम्मीद जताई कि बेहतर सुविधाओं से मंडी में व्यापार को और गति मिलेगी। मंडी प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सफल बताया तथा कहा कि प्रतिस्पर्धा के चलते राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
Published on:
18 Mar 2026 01:18 pm
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