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25 हजार परिवारों की उम्मीदों पर मंडरा रहा है खतरा, जानें क्या है खबर की पूरी सच्चाई

बीपीएस का रजिस्ट्रेशन निरस्त होने की खबर से चर्चा का बाजार गर्म, आर्थिक अनियमितता की शिकायतें पाए जाने पर कार्रवाई की बात सामने आई।

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25 thousand families are on the hopes of danger, know what is the full truth

25 thousand families are on the hopes of danger, know what is the full truth

2310 सदस्य, 3500 गाडि़यां, 4500 संचालित गाडि़यांं, 25000 संघ से जुड़े लोग।

जगदलपुर . बस्तर परिवहन संघ का पंजीकरण रजिस्ट्रार फम्र्स एंड सोसायटी ने निरस्त कर दिया है। एेसी खबर की चर्चा शहर में मंगलवार को गर्म रही। हालांकि इससे पहले बीपीएस तालाबंदी व कोर्ट के आदेश से ताला खुलने को लेकर खासी किरकिरी झेल चुके प्रशासन ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी थी। बीपीएस को भंग करने के पीछे आर्थिक अनियमितताएं पाया जाना बताया जा रहा है। इसके बावजूद बीपीएस के पास शासन व हाईकोर्ट जाने का रास्ता खुला हुआ है। रोजाना की तरह बीपीएस कार्यालय में ट्रक मालिक जुटे रहे।

रजिस्ट्रेशन को लेकर उनमें खासी उत्सुकता भी रही पर प्रतिक्रिया देने से पदाधिकारी व सदस्य बचते रहे। संघ के सचिव ने स्पष्ट तौर पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। इसके बाद शाम व रात को भी अलग- अलग गुटों की बैठक होने की खबर आती रही। पदाधिकारियों का कहना था कि जनप्रतिनिधियों, शासन के पास अपना मसला रखेंगे, राहत नहीं मिलने पर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

दूसरे पक्ष से पूछताछ नहीं
वहीं खूटपदर मामले में एक ओंर जहां एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए एक पक्ष फरार चल रहें हैं। दूसरे पक्ष द्वारा की गई एफआईआर पर भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

रजिस्ट्रार को इन पर आपत्ति
रजिस्ट्रार फम्र्स व सोसायटी को सदस्यता पंजी संधारण, नियमावली का पालन नहीं किया जाना, प्राधिकृत व्यक्ति से पंजी का संधारण नहीं करवाना, रसीदों व आर्थिक लेन- देन का संधारण नहीं होना, कैशबुक व लेजर बुक में प्रमाणीकृत हस्ताक्षरों का नहीं होने पर आपत्ति जताने की जानकारी मिली है।

पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई के लगे थे आरोप
खूटपदर मामले में पुलिस पर एक तरफा कार्रवाई करने के आरेाप लगे थे। इसके बाद जिस तरह से नाटकीय तरीके से इस कांड को बीपीएस से जोड़ते हुए यहां धारा 144 लगाई गई थी, उस पर भी सवाल खड़े हुए थे। यह बात हाइकोर्ट के आदेश में भी देखने को मिली जहां उन्होंने कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए प्रशासन को फटकार
लगाई थी।

कोई जानकारी नहीं- बस्तर कलक्टर धनंजय देवांगन ने बताया कि मैं शाम के छह बजे तक कार्यालय में था। बीपीएस के संबंध में अभी तक कोई भी आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।