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ग्रामीण ने 5 साल पहले दर्दनाक हादसे को दिया था अंजाम, अब कोर्ट ने सुनाई यह सजा…

आरोपी को पांच साल बाद मिली आजीवन कारावास की सजा, भुट्टा बुआई को लेकर कुल्हाड़ी से वार कर पहले पिता को उतारा मौत के घाट, फिर पुत्र पर हमला...

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ग्रामीण ने 5 साल पहले दर्दनाक हादसे को दिया था अंजाम, अब कोर्ट ने सुनाई यह सजा...

ग्रामीण ने 5 साल पहले दर्दनाक हादसे को दिया था अंजाम, अब कोर्ट ने सुनाई यह सजा...

ग्रामीण ने कुल्हाड़ी से वार कर पहले पिता को उतारा मौत के घाट, फिर पुत्र पर किया जानलेवा हमला...

कोंडागांव. भुटटा बुआई के लिए जमीन से संबंधित विविाद होने पर पांच साल पहले हुये एक हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई हैं। आरोपी बनाये गये चम्पूराम व रामसिंग के बीच जमीन को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी चम्पूराम बघेल पिता सोमनाथ निवासी खचगांव ने रंजीश रखते हुये मृतक रामसिंग को 30 सितंबर 2012 को जब मृतक अपने घर से लगा बाडी में काम कर रहा था।

कुल्हाड़ी से कनपट्टी में किया ताबड़तोड़ वार, मौत
इस दौरान दोपहर को आरोपी रामसिंग के पास टंगिया लेकर पहुंच गया और उस पर ताबडतोड वार करने लगा। जिससे मृतक के गला, कनपटटी में वार कर हत्या कर दिया। मारते समय मृतक का पुत्र राजेन्द्र मौके पर पहुंच गया। उसने घटना को देखकर डरकर अपने भाई सुकमन को आवाज देना शुरू कर दिया। तो आरोपी ने उसे भी टंगिया से मारने दौडाया जो डरकर भागते समय अपने भाई फगनू के पास पहुंच गया।

एक को छोड़ दूसरे पर किया जानलेवा हमला
आरोपी ने सुकमन को छोडकर फगनू के पास जाकर उसे हत्या करने के नियत से टंगिया से मारा जिससे फगनू को बांये पीठ में चोट लगी और खून निकलने लगा। फगनूराम कि रिपोर्ट पर थाना कोण्डागांव में आरोपी के विरूद्ध धारा 302, 307 भा.द.वि. के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी। विवेचना के बाद धारा 302, 307 भादवि के अपराध में अभियोग पत्र न्यायालय में पेष किया गया।

पांच हजार रूपये अर्थदंड भी
उक्त प्रकरण में शासन की ओर नरेश नाईक, लोक अभियोजक ने पैरवी की। न्यायाधीश एआर ढिडही ने प्रकरण का विचारण कर आरोपी को धारा 302 भादंसं के आरोप में आजीवन करावास एवं पांच हजार रूपए के अर्थदण्ड से तथा धारा 324 भादंवि के आरोप से 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और एक हजार के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड की राशि अदा होने के व्यतिक्रम पर उक्त दोनों धाराओ में क्रमश: 6 माह के सश्रम कारावास एवं 2 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास पृथक से भुगतना का निर्णय पारित किया है।