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नगर निगम का शहर को कचरामुक्त करने का दावा निकला झूठा, तस्वीरों के जरिए देखिए हकीकत

शहर को कचरामुक्त घोषित करने के लिए नगर निगम ने दावा पेश किया है। दावे की हकीकत जानने जैसे ही ग्राउंड पहुंचते हैं तो यह सारे दावे फेल नजर आते हैं।

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नगर निगम का शहर को कचरामुक्त करने का दावा निकला झूठा

केस 1 संजय बाजारयहां गंदगी ऐसी की बाजार क अंदर घुसना ही मुश्किल है। यहां सब्जियों से लेकर नशेडिय़ों तक की गंदगी से संजय बाजार भरा पड़ा है। यहां इस कदर गंदगी फैली है कि कुछ इलाकों में तो लोगों ने जाने से तौबा कर ली है। चाहे व व्यापारी हो या ग्राहक। गंदगी पर मवेशियों का भी डेरा 24 घंटे तक जमा रहता है।

नगर निगम का शहर को कचरामुक्त करने का दावा निकला झूठा

केस 2 शिवमंदिर वार्डकेस 2 शिवमंदिर वार्डयहां वार्ड में भी सफाई की स्थिति बेहद खराब है। वार्ड में जाने के लिए कचरे के ढ़ेर को पार करना पड़ता है। लेकिन अंदर पहुंचने पर अहसास होता है कि यह तो पड़ाव की शुरूआत है। यहां के लोग बड़ी मुश्किल में जिंदगी बिता रहे हैं। यहां रहने वाली रिंकी मिश्रा ने बताया कि पार्षद से लेकर निगम आयुक्त तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन सुनवाई हुई नहीं।

नगर निगम का शहर को कचरामुक्त करने का दावा निकला झूठा

केस 3 मोतीतालाब पारा वार्डसंजय मार्केट से सटा होने के चलते सबसे अधिक भीड़ भाड़ इस इलाके में रहती है। लेकिन यहां गाडि़यों की रफ्तार कम होने का एक कारण सड़कों का ठीक न होना और हर चौक में गंदगी का पसरे रहना भी है। वार्ड के लोगों से बात करने पर बताया कि अभी तो स्थिति ठीक ही है मगर बारिश में तो यहां घर से निकलना तक दूभर हो जाता है।

नगर निगम का शहर को कचरामुक्त करने का दावा निकला झूठा

केस 4 सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्डसबसे अधिक झुग्गी झोपडि़यों वाले इस वार्ड में पहुंचने पर अहसास ही नहीं होता कि आप शहर में हैं। यहां वार्डवासियों से बात करने पर पता चला कि डूबान वाले इलाके में आने के बाद भी यहां सालभर नालियां साफ नहीं होती। इस बार भी यहीं स्थिति है। और तो और यहां के घरों में शौचालय का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है।