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बस्तर के इन इलाकों में पैर पसारे बैठा विदेशी बीमारी, लगातार बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा

दंतेवाड़ा, बीजापुर और अब बस्तर तक इस विदेशी बीमारी का प्रकोप, इस जापानी बुखार से पीडि़त चार बच्चों का मेकॉज में चल रहा उपचार।

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आखिर क्या है यह जानलेवा बीमारी, जिसकी चपेट में कई लोगों की मौत के बाद अब 4 हैं भर्ती

आखिर क्या है यह जानलेवा बीमारी, जिसकी चपेट में कई लोगों की मौत के बाद अब 4 हैं भर्ती

आखिर क्या है यह जानलेवा बीमारी, जिसकी चपेट में कई लोगों की मौत के बाद अब 4 हैं भर्ती

जगदलपुर . बस्तर में जापानी बुखार ने दस्तक दे दी है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर में अब तक चार बच्चों में इसके लक्षण मिले हैं। जांच में पुष्टि होने के बाद इन बच्चों का महारानी अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में इलाज किया जा रहा है। इनमें से एक बच्ची की हालत गंभीर है। गौरतलब है कि जापानी बुखार से पीडि़त दंतेवाड़ा निवासी रानी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद दंतेवाड़ा जिले मंे ही एक परिवार के दो बच्चों (भाई-बहन) में भी जापानी बुखार से पीडि़त होना पाया गया है। यही नहीं बीजापुर और उसके बाद बस्तर के भानपुरी में भी दो बच्चों को जापानी बुखार के लक्षण पाए गए हैं। सभी का महारानी अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में डॉक्टर की निगरानी में इलाज जारी है।

यह है जापानी बुखार
जापानी मस्तिष्क ज्वर एक घातक संक्रामक बीमारी है जो फ्लैविवाइरस के संक्रमण से होती है। 1871 में इस बीमारी का जापान में पता चला था इसलिए इसका नाम 'जैपनीज इन्सेफ्लाइटिस है। जंगली पक्षी मस्तिष्क ज्वर के विषाणु या वायरस के मुख्य स्रोत होते हैं। इस बीमारी के वाहक मच्छर भी होते हैं। 1 से 15 साल तक के बच्चों में इस बीमारी के होने की संभावना अधिक रहती है, लेकिन वयस्क भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। विश्व के अठारह देशों में से जापानी बुखार में भारत भी शामिल है, जहां मौत के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

केस-1...साल भर से बीमार है कुलदीप
भोपालपट्नम के ग्राम पामगुल निवासी कुलदीप (12) साल भर से बीमार है। उसके पिता पुरुषोत्तम का कहना है कि अंदरुनी क्षेत्र में रहने की वजह से झाडफ़ूंक से इलाज कराने पर जब बेटे की हालत में सुधार नहीं हुआ। जिसके बाद बीजापुर जिला अस्पताल से महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां ब्लड सैंपल की जांच में कुलदीप की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है।

केस-2...झटके आने पर कराया था भर्ती
बस्तर जिले के भानपुरी में भी जापानी बुखार का पहला केस सामने आया है। भानपुरी ब्लाक के ग्राम सालेमेटा में रहने वाले मनोहर ने बताया कि उसके बेटे धनेश्वर (12) को जोर के झटके आने लगा था। जिसके बाद उसे गुरुवार को महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे जापानी बुखार होना बताया है।

केस-3...भाई-बहन जापानी बुखार की चपेट में
दंतेवाड़ा निवासी भीमा ने बताया कि पिछले रविवार को उसकी बेटी सुषमा (7) के सिर में अचानक तेज दर्द के साथ बुखार हुआ। दवा देने के बाद थोड़ी देर बुखार कम हुआ, लेकिन उसके बाद बुखार उतरने का नाम ही नहीं लिया। जिसके बाद बचेली अस्पताल में भर्ती करने डॉक्टर ने महारानी अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी। यहां पिछले चार दिन से सुषमा बेहोशी की हालत में है। उसके एक साल के छोटे बेटे सागर को भी जापानी बुखार ने चपेट में लिया है। दोनों भाई-बहन एक ही बेड में इस बीमारी से जूझ रहे हैं।

ऐसे करें बचाव
समय से टीकाकरण कराएं, साफ सफई से रहें। मच्छरों से बचाव। घरों के आस पास पानी न जमा होने पाए। कोशिश करें कि बच्चों को पूरे कपड़े ही पहनाएं ताकि उनका शरीर ढका रहे। घर में कीट प्रतिकर्षकों का उपयोग करना ना भूलें, शाम को जरूरी हो तो ही बाहर निकले।

इस समय कीट अधिक सक्रिय हो जाते हैं
शिशुरोग विशेषज्ञ व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुरूप साहू ने बताया कि जिन बच्चों में बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं, उन सभी के सैंपल जांच के लिए लिया जा रहा है। हाल में 4 बच्चों को पॉजीटिव पाया गया है। कुछ सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने पर ही पुष्टि होगी। यदि जापानी बुखार के लक्षण बच्चों में दिखते हैं, अस्पताल पहुंचकर जांच करवाएं। ताकि समय पर इलाज हो सके।