केस-3...भाई-बहन जापानी बुखार की चपेट में
दंतेवाड़ा निवासी भीमा ने बताया कि पिछले रविवार को उसकी बेटी सुषमा (7) के सिर में अचानक तेज दर्द के साथ बुखार हुआ। दवा देने के बाद थोड़ी देर बुखार कम हुआ, लेकिन उसके बाद बुखार उतरने का नाम ही नहीं लिया। जिसके बाद बचेली अस्पताल में भर्ती करने डॉक्टर ने महारानी अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी। यहां पिछले चार दिन से सुषमा बेहोशी की हालत में है। उसके एक साल के छोटे बेटे सागर को भी जापानी बुखार ने चपेट में लिया है। दोनों भाई-बहन एक ही बेड में इस बीमारी से जूझ रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
समय से टीकाकरण कराएं, साफ सफई से रहें। मच्छरों से बचाव। घरों के आस पास पानी न जमा होने पाए। कोशिश करें कि बच्चों को पूरे कपड़े ही पहनाएं ताकि उनका शरीर ढका रहे। घर में कीट प्रतिकर्षकों का उपयोग करना ना भूलें, शाम को जरूरी हो तो ही बाहर निकले।
इस समय कीट अधिक सक्रिय हो जाते हैं
शिशुरोग विशेषज्ञ व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुरूप साहू ने बताया कि जिन बच्चों में बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं, उन सभी के सैंपल जांच के लिए लिया जा रहा है। हाल में 4 बच्चों को पॉजीटिव पाया गया है। कुछ सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने पर ही पुष्टि होगी। यदि जापानी बुखार के लक्षण बच्चों में दिखते हैं, अस्पताल पहुंचकर जांच करवाएं। ताकि समय पर इलाज हो सके।