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जर्जर भवनों में संचालित हो रही आंगनबाड़ी

पालकों में चिंता, हो सकता है हादसा

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आमला. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन नसीब नहीं हुआ है। कहीं पर तो आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहा है तो कहीं जर्जर भवन में। शहरी क्षेत्र में वार्ड क्रमांक 5 का पुराना भवन जर्जर होने के बावजूद वहां बच्चों को बैठाया जा रहा है। इसे लेकर पालकों में चिंता है। अधिकांश आंगनबाड़ी भवन जर्जर और क्षतिग्रस्त है। इनकी स्थिति को देखकर लगता है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग नहीं की जाती है और इनका संचालन भगवान भरोसे है। परियोजना अधिकारी का कहना है कि आंगनबाड़ी भवन निर्माण या मरम्मत की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र में नगरपालिका की होती है। हम केवल संचालन का काम करते है।
कई आंगनबाड़ी केन्द्र किराए के भवनों पर संचालित
शहरी क्षेत्र के 18 वार्डो में लगभग 22-23 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है। इनमें से अधिकांश केन्द्र किराए के भवनों में चल रहे है, तो वहीं कुछ सरकारी भवन में आंगनबाडियां लग रही है। हालांकि कई भवन अच्छे भी हैं, लेकिन जो जर्जर हैं उन्हें सुधारने की दिशा में काम नहीं हो रहा है। लंबे समय से स्थिति बदतर ही है। ऐसे में केंद्रों में नौनिहालों को बैठाना खतरे से खाली नहीं है।
बरसात में टपकती है छत
शहर की कुछ आंगनबाडिय़ों के हाल ऐसे है कि बरसात के दिनों में छत टपकती है और नीचे बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत और निर्माण होना है। कई बार पत्र लिखने के बावजूद सुनवाई नहीं होती है। जिसके कारण व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है और दिक्कत आती है।
कई योजनाएं हो रही संचालित
सरकार द्वारा कई जनकल्याणकारी योजनाएं आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से संचालित की जाती है। टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव पूर्व देख भाल व्यवस्था, कुपोषण सहित अन्य योजनाएं है जिनका संचालन आंगनबाड़ी के माध्यम से किया जाता है, लेकिन शहर में आंगनबाड़ी भवन निर्माण या मरम्मत को लेकर कोई योजना नहीं बनाई जा रही है।
इनका कहना है
आंगनबाड़ी भवन निर्माण या मरम्मत की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र में नगरपालिका की होती है। हम केवल संचालन का काम करते है।
- छयेन्द्र बुढ़ेकर, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, आमला