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पिता को चार बार और बेटे को छठवीं बार मिला विधानसभा का टिकट

भैंसदेही विधानसभा: कांग्रेस ने धरमू सिंह सिरसाम को चौथी बार दिया टिकट, भाजपा में चली आ रही एक ही परिवार के सदस्य को टिकट देने की परंपरा

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बेतुल

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Manish Geete

Oct 17, 2023

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भैंसदेही विधानसभा सीट में टिकट वितरण को लेकर दोनों ही पार्टियों में अनूठी परंपरा चली आ रही है। वर्ष 1972 से अभी 2023 के टिकट वितरण इतिहास पर नजर डाले तो सामने आया कि अभी यह 12 चुनाव होने जा रहा है। इतने ही चुनाव में भाजपा ने दस बार टिकट महेन्द्र सिंह के परिवार में ही दिया था। वहीं कांग्रेस से धरमू सिंह सिरसाम को चौथी बार प्रत्याशी बनाया है।

पहली बार केशर सिंह भारतीय जनसंघ से 1972 में चुनाव लड़े थे और हार गए थे। भाजपा ने केशर सिंह चौहान को फिर 1980 में विधानसभा टिकट दिया था। केशर सिंह चुनाव जीते थे। इसके बाद फिर उन्हें भाजपा ने वर्ष 1990 में प्रत्याशी बनाया। यह चुनाव भी केशर सिंह जीते थे। वर्ष 1993 के चुनाव में फिर भाजपा ने केशर सिंह को टिकट दिया। यह चुनाव वह हार गए थे। वहीं केशर सिंह के बेटे महेन्द्र सिंह को भाजपा ने वर्ष 1998 और 2003 में टिकट दिया। दोनों चुनाव महेन्द्र सिंह जीत गए थे। महेन्द्र सिंह को ही फिर वर्ष 2013 में टिकट दिया। यह चुनाव भी महेन्द्र सिंह जीते थे। वर्ष 2018 के चुनाव में महेन्द्र सिंह को फिर प्रत्याशी बनाया गया। यह चुनाव महेन्द्र सिंह हार गए थे और अब उन्हें फिर वर्ष 2023 में भाजपा ने टिकट दिया है।

महेन्द्र सिंह के दादा भी रहे दो बार विधायक

1957 में पहली बार भैंसदेही विस में चुनाव हुए थे जिसमें कांग्रेस के सोमदत्त चुनाव जीते थे। 1962 में यह सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हुई। इस पर महेंद्र सिंह चौहान के दादा दद्दू सिंह जनसंघ से चुनाव जीते थे। 1967 में दद्दू सिंह दोबारा चुनाव जीते। 1972 में जनसंघ ने प्रत्याशी बदल दिया और महेंद्र सिंह के पिता केशर सिंह को टिकट दिया था। कांग्रेस के काल्यासिंह चौहान चुनाव जीते थे।

भाजपा की तरह ही कांग्रेस में भी कुछ ही परिवारों में टिकट देने का चलन है। कांग्रेस ने वर्ष 1972 में काल्या सिंह को टिकट दिया था। काल्या सिंह यह चुनाव जीते थे। काल्या सिंह को फिर 1977 और 1980 में कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया था। यह दोनों चुनाव काल्या हार गए थे। कांग्रेस पार्टी ने धरमू सिंह को पहले वर्ष 2008 में टिकट दिया था। यह चुनाव धरमू जीते थे। वर्ष 2013 का चुनाव धरमू हार गए। उन्हें फिर वर्ष 2018 में फिर टिकट दिया गया। इस बार धरमू चुनाव जीते थे। अब उन्हें फिर चौथी प्रत्याशी बनाया गया है।

वर्ष प्रत्याशी (जीते) पार्टी मिले वोट

1972 काल्या सिंह कांग्रेस 11760
1977 पतिराम जेएनपी 9748
1980 केशर सिंह चौहान भाजपा 14438
1985 सतीश कुमार चौहान कांग्रेस 11059
1990 केशर सिंह चौहान भाजपा 18361
1993 गंजन सिंह कुमरे कांग्रेस 25495
1998 महेन्द्र सिंह चौहान भाजपा 32539
2003 महेन्द्र सिंह चौहान भाजपा 44291
2008 धरमू सिंह सिरसाम कांग्रेस 48155
2013 महेन्द्र सिंह चौहान भाजपा 77918
2018 धरमू सिंह सिरसाम कांग्रेस 104592