18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बड़ी खबर, नजूल के स्थाई पटटाधारियों को मिली बड़ी राहत

नजूल भूमि के स्थाई पट्टेधारकों से राजस्व अमले द्वारा की जा रही वसूली पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा दी है।

2 min read
Google source verification
 Recovery

Recovery

बैतूल। नजूल भूमि के स्थाई पट्टेधारकों से राजस्व अमले द्वारा की जा रही वसूली पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा दी है। उल्लेखनीय हो कि पत्रिका ने सबसे पहले 7 नवंबर 2017 को 540 वर्गफुट पट्टे के नवीनीकरण के लिए थमाया पौने नौ करोड़ रुपए का नोटिस, 10 दिसंबर 2017 को लीज नवीनीकरण कमर्शियल बंद, आवासीय उपयोग शुरू एवं नजूल स्थाई पट्टाधारकों के लिए बनाई समिति शीर्षक से खबर प्रकाशित कर वसूली को लेकर आम लोगों की पीड़ा को सामने आया था। जिसके बाद पट्टेधारकों ने जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपनी बात शासन तक पहुंचाई थी। पत्रिका की इस पहल के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री से मुलाकात कर समिति का निर्णय होने तक वसूली पर रोक लगाए जाने की मांग की थी।
बताया गया कि भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कपूर एवं बैतूल के विधायक हेमंत खंडेलवाल के प्रयासों से राज्य शासन ने नजूल के स्थाई पटटाधारियों को राहत देेते हुए प्रकरण में अंतिम निर्णय होने तक वसूली की कार्रवाई पर रोक लगाने के आदेश दिए है। गौरतलब है कि नजूल के स्थाई पटटाधारियों की समस्याओ को लेकर विगत दिनों भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक मनोज भार्गव की पहल पर भाजपा कार्यालय में नगर के स्थाई पटटे वाले व्यापारियों की भाजपा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कपूर के साथ बैठक हुई थी। बैठक के पश्चात कपूर ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ,राजस्वमंत्री उमा शंकर गुप्ता को पटटाधारियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए अंतिम निर्णय होने तक वसूली राशी पर रोक लगाने हेतू सभी कलेक्टर्स को तत्काल आदेश देने का निवेदन किया था। इस सबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भाजपा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कपूर को भेजे गए पत्र मे बताया गया कि प्रकरण मे अंतिम निर्णय होने तक सभी कलेक्टर्स को राशी वसूली की कार्यवाही पर रोक लगाने के तत्काल आदेश दिए गए है। मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजे गए पत्र मे जिलाध्यक्ष कपूर द्वारा विसंगतियो पर उठाए गए बिन्दुओं के सबंध मे बताया गया कि इस सबंध मे शासन द्वारा निर्णय लिया जाएगा। जिसका एक समिति द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। इस संबंध में स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल द्वारा भी मुख्यमंत्री ,राजस्व मंत्री से मुलाकात कर स्थाई पटटाधारियों की समस्या बताई गई थी। उल्लेखनीय हो कि पत्रिका ने सबसे पहले इस मामले को उठाया था और लगातार खबरें प्रकाशित कर जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में लाया था। जिसके बाद जनप्रतिनिधियों ने व्यापारियों की इस समस्या को मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री के सामने लाया। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने राजस्व अमले को वसूली स्थगित करने के निर्देश जारी किए।