सभी गिरजाघरों में आराधना के बाद एक दूसरे को गले मिलकर क्रिसमस की बधाईयां दी.
बैतूल. प्रभु यीशु मसीह का जन्मदिन क्रिश्चन समाजजनों द्वारा धूमधाम से मनाया जा रहा है, इसी के तहत रविवार को सभी गिरजाघरों में आराधना के बाद एक दूसरे को गले मिलकर क्रिसमस की बधाईयां दी, इस अवसर पर युवाओं ने एक दूसरे को चुम्बन देकर भी शुभकामनाएं दी। आज से 31 दिसंबर तक सभी चर्चों में विभिन्न आयोजन होंगे।
प्रभु यीशु का जन्म दिन क्रिसमस का उत्साह शहर में आधी रात से ही शुरू हो गया। मध्यरात्रि में जैसे ही घड़ी की सुइयों ने 12 के आंकड़े को छुआ शहर के गिरजाघरों में खुशियां छा गई और मैरी क्रिसमस की बधाइयां गूंजने लगीं। बालक यीशु के जन्म के साथ ही रोशनी से दमक रहे चर्चों में प्रार्थना, कैरोल की स्वरलहरियां गूंज उठीं। केक काटकर एक-दूसरे को बधाइयां दी।
क्रिसमस ट्री आकर्षण का केंद्र
क्रिसमस ट्री को काफी शुभ माना जाना है। बताया गया कि जिस समय गोशाला में प्रभु यीशु का जन्म हुआ। वहां पास में ही क्रिसमस ट्री का पेड़ लगा हुआ था। पेड़ में अचानक उजाला हुआ। जिसके चलते क्रिसमस के दिन लोग श्रद्धा से केंडल जलाकर आराधना करते हैं।
25 दिसंबर को सुबह गिरिजाघरों में विशेष प्रार्थना के बाद क्रिसमस पर्व की बधाइयों का दौर शुरू हो जाएगा। इस अवसर पर ईसाई समुदाय द्वारा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। पर्व के चलते 30 दिसंबर तक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
प्रभु के जन्म का संदेश देता है स्टार
क्रिसमस ट्री के साथ ही स्टार का भी बड़ा महत्व है। बताया गया कि पुराने समय में ज्योतिष हुआ करते थे, जो कि स्टार को देखकर भविष्यवाणी किया करते थे। ज्योतिषों ने स्टार देखकर यह अनुमान लगाया था कि धरती पर प्रभु यीशु का जन्म होने वाला है।