
होली खेलने का खोजा नया तरीका
बैतूल. कोरोना वायरस से बचने के लिए युवाओं ने होली खेलने का नया तरीका खोज निकाला है। जिसमें ब्रश से फैब्रिक कलर को चेहरे पर लगाकर एक दूसरे के साथ खुशियां बांटी तथा होली उत्सव धूमधाम से मनाया। इस दौरान युवतियों ने एक दूसरे की त्वचा पर हाथ लगाने के बजाय ब्रश का उपयोग किया गया। साथ ही कलर भी ऐसे उपयोग किए जो आराम से पानी से धोने पर ही निकल जाते हैं तथा इनका कोई रिएक्शन भी नहीं होता। यह थीम युवा चित्रकार श्रेणिक जैन की फेस पेंटिंग से प्रेरित हुई जिसमें युवाओं ने बाजार में मिलने वाले और केमिकल युक्त गुलाल के बजाए फैब्रिक कलर और ब्रश उपयोग कर कोरोना वायरस मुक्त होली की बधाई।
इधर, कोरोना के डर से छात्रों की यात्रा पर संकट
कोराना वायरस के चलते उत्कृष्ट स्कूल के दो छात्रों की जापान की यात्रा टलती दिखाई दे रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्कृष्ट स्कूल में अध्ययनरत दो छात्रों का चयन लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जापान एशिया यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम इन सांइस 2020 के तहत किया गया है। जापान में कोराना वायरस के चलते ही छात्रों का दौरा भी आगे बढऩे की बात कही जा रही है।
उल्लेखनीय है कि उत्कृष्ट स्कूल में कक्षा ११वीं में गणित विषय से अध्ययन करने वाले प्रतिक्षा कुंभारे और अंशुल अतुलकर का चयन जापान एशिया प्रोग्राम के तहत हुआ है। साथ ही आठ अन्य छात्रों का भी चयन हुआ है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों से विदेश यात्रा को लेकर पासपोर्ट तक तैयार कर लिए है, लेकिन अब कोरोना के डर के चलते यात्रा टलती हुई दिखाई दे रही है। शिक्षा विभाग द्वारा वायरस के संक्रमण और बचाव को लेकर स्कूलों को निर्देश जारी किए गए है। ऐसे छात्र जिनकी परीक्षाएं चल रही है, उनके स्कूल आने पर परीक्षा की वैकल्पिक व्यवस्था कराने के निर्देश जारी किए है।
Published on:
09 Mar 2020 11:35 pm
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