18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खाद्य विभाग की कार्रवाई, पांच दुकानों से लिए सैंपल

बगडोना, शोभापुर और सारनी में की कार्रवाई

2 min read
Google source verification
खाद्य विभाग की कार्रवाई, पांच दुकानों से लिए सैंपल

खाद्य विभाग की कार्रवाई, पांच दुकानों से लिए सैंपल

सारनी. रविवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापामार कार्रवाई कर जांच के लिए 7 सैंपल लिए। बड़ी कार्रवाई पाथाखेड़ा में की एक नमकीन के कारखाने में की। यहां सुरक्षा खामियां भी मिली। वहीं कारखाने में बने लड्डू, नमकीन के अलावा आमचुर का सैंपल लिए। जांच में निर्माण सामग्री पर वैद्यता, सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन यंत्र और बिल बुक नहीं मिली। कारखाने का रजिस्ट्रेशन भी नहीं मिला। इसकी पुष्टि कारखाने के मालिक द्वारा स्वयं की। सारनी और पाथाखेड़ा से मिठाई के सैंपल लिए हैं। वहीं प्रभातपटï्टन में खाद्य अधिकारी रुपाराम सनोनिया ने कार्रवाई कर दो किराना से गुलाब जामुन मिक्स के सैंपल लिए। ग्राम बिसनूर में एक मिष्ठान्न भंडार से पेड़े का सैंपल लिया।

दिन में हुई हल्की बारिश, किसानों की बढ़ाई चिंता
बैतूल. पहले ही अतिवृष्टि से अधिकांश फसल बर्बाद हो चुकी है। बची-कूची फसलोंंं को किसान समेटने में लगे हैं। इस पर काले बादलों का साया पड़ गया है। जिससे किसान भारी ङ्क्षचता है। तेज बारिश होती है किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। रविवार दोपहर में हल्की बारिश हुई। पिछले दो दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हंैं। मौसम में परिवर्तन के बाद पिछले तीन दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हैं। दिन में और रात के समय में हल्की बारिश हुई। बारिश की वजह से तापमान भी कम हो गया है,जिससे अचानक ठंड बढ़ गई है। दिन और रात दोनों समय के तापमान में कमी आई है। दिन का अधिकतम तापामन २४ डिग्री तो न्यूनतम तापमान १५.५ डिग्री पर पहुंच गया है। वही मौसम वैज्ञानिक डॉ वीके वर्मा ने बताया कि लो प्रेशर की वजह से बारिश की संभावना बनती ही है। हर बार ऐसा होता है। आने वाले तीन-चार दिन तक यही स्थिति बने रहने की संभावना है। बारिश भी हो सकती है। किसानों को चाहिए कि वे अपनी कटी हुई फसल सुरक्षित करे। फसल खड़ी है तो अभी इसकी कटाई बंद कर दे। मौसम साफ होने पर कटाई करे। किसान घनश्याम वामनकर ने बताया कि आसमान में बादल छाने से किसानों से भारी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि बारिश होती है किसानों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों की सोयाबीन की फसलें खेत में कटकर पड़ी हुई है। बारिश से फसल बर्बाद हो जाएगी। वही बारिश के डर से किसानों ने कटाई का काम भी बंद कर दिया है। बारिश से खड़ी फसल को उतना नुकसान नहीं होगा,जितने की कटाई के बाद खेत में पड़ी होने से। वामनकर ने बताया कि पहले ही अतिवृष्टि की वजह से अधिकांश फसले बर्बाद हो चुकी है।