
सात-सात वर्ष के कारावास सहित 92 लाख रुपए का जुर्माना
मुलताई. ग्राम डहुआ में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में वर्ष 2013 में हुए गबन एवं धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय ने गुरूवार को बैंक के तत्कालीन कैशियर सहित चार लोगों को ७-७ वर्ष की सजा सुनाते हुए क्रमश: 26-26 लाख तथा 20-20 लाख कुल 92 लाख के अर्थदंड से भी दंडित किया है। लोक अभियोजक भोजराज रघुवंशी के अनुसार ग्राम डहुआ में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में तुकाड़ी धुर्वे कैशियर के पद पर पदस्थ था जिसके साथ माड़ीराम, अजय व संजय बिजनेस फेसिलेटर के पद पर पदस्थ थे। बैंक आने वाले ग्राहकों से कैशियर पैसे लेकर जमा करने के नाम पर फर्जी स्लिप दे देता था तथा राशि खुद रख लेता था। राशि की जानकारी ना ही कम्यूटर में दर्ज करता था और ना ही बैंक में जमा करता था। इस पूरी साजिश में माड़ीराम, अजय एवं संजय भी शामिल थे। इसके अतिरिक्त जिन खातों में ज्यादा रकम होती थी उन खातों में से भी फर्जी हस्ताक्षर कर राशि निकाल लेते थे। खाताधारकों को जब इसकी भनक लगी तो उनके द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक से इसकी शिकायत की गई जिस पर बैंक द्वारा जांच के लिए एक अधिकारी नियुक्त कर पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान लगभग 1 करोड़ 58 लाख रुपए की धोखाधड़ी होना पाया जिसकी शिकायत शाखा प्रबंधक के द्वारा 18 जून 2013 को मुलताई थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपियों पर प्रकरण दर्ज किया गया। जांच के दौरान प्रकरण में 90 लाख 78 हजार 874 रुपए का गबन होना पाया गया।
युवक के मौत की जांच की मांग
बैतूल. भग्गूढ़ाना माचना नगर निवासी आकाश पिता विजय उइके की मंगलवार को मौत होने पर अभी भी संशय बना हुआ है। मंगलवार रात को आकाश को सड़क हादसे में घायल होने का कहकर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। उसकी स्थिति गंभीर होने पर परिजनों द्वारा उपचार के लिए नागपुर ले जाया जा रहा था, इसी दौरान रास्ते में मौत हो गई थी। अब परिजन बेटे की हत्या होने की आंशका व्यक्त कर रहे है। कोतवाली थाना प्रभारी राजेन्द्र धुर्वे ने बताया कि आकाश को हादसे में घायल होने के चलते इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। परिजनों की शिकायत पर अब मामले की जांच की जाएगी।
Published on:
29 Nov 2019 10:58 pm

बड़ी खबरें
View Allबेतुल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
