
हरदा. सीएमएचओ कार्यालय के नीचे मांगों को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी।
हरदा. सरकार के आश्वासन के बाद मांगें पूरी नहीं होने के चलते संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सोमवार से सीएमएचओ कार्यालय के नीचे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। इस दौरान जिले के तीनों ब्लाकों के सैकड़ों कर्मचारियों ने धरने में शामिल होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। इधर, हड़ताल के चलते जिला अस्पताल से लेकर विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी निभाने वाले कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।
सरकार ने एक माह में दिया था निराकरण का आश्वासन
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 से 2022 तक सरकार को कई बार ज्ञापन देकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं 15 दिसंबर से 5 जनवरी 2023 तक बीस दिनों में सरकार ने एक महीने के अंदर न्यायोचित मांगों का निराकरण करने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 90 प्रतिशत नीति की फाइल वित्त विभाग में स्वीकृति के लिए लंबित है। जिस पर संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने संविदा कर्मचारियों के लिए गत 5 जुलाई 2018 की नीति प्रदेश के सभी विभागों में सामान्य प्रशासन विभाग ने नोटिफिकेशन द्वारा लागू की गई है। लेकिन प्रदेशभर के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उक्त कर्मचारियों की करीब 1 लाख 50 हजार परिवारों की संख्या है, जिनके सामने जीवन-मरण का संकट खड़ा हो गया है, लेकिन सरकार ध्यान देने को तैयार नहीं है। इसलिए आंदोलन शुरू करना पड़ा।
कोई भी कर्मचारी नहीं आएगा अस्पताल
डॉ. शर्मा ने बताया कि एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ प्रदेश आव्हान पर जिले के तीनों ब्लाकों में कार्यरत् कर्मचारी मंगलवार से कोई भी अपने कार्यस्थल पर नहीं जाएगा। साथ ही वे अस्पताल परिसर में धरना नहीं देंगे, बल्कि अपने घरों पर रहकर सरकार के प्रति विरोध प्रदर्शन करेंगे। केवल शनिवार के दिन सीएमएचओ कार्यालय के नीचे एक दिन बैठकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
उप स्वास्थ्य केंद्र में लगा ताला, टीकाकरण प्रभावित
जानकारी के अनुसार जिले के 236 कर्मचारियों के बेमियादी हड़ताल पर चले जाने से जिले के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत सरकार ने सोमवार से जिले में टीकाकरण अभियान शुरू किया था, लेकिन संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से अभियान महज औपचारिक तौर रूप से शुरू हुआ। इधर, टिमरनी ब्लाक के गांव ऊंचाबरारी उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी हड़ताल पर आने से वहां पर ताला लटका हुआ है। इस गांव के करीब 500 ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवा के लिए परेशान होना पड़ा। इसी तरह जिला अस्पताल के एसएनसीयू (नवजात गहन चिकित्सा ईकाई) में 22 नर्सिंग स्टॉफ है, जिसमें 16 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हैं। इनके हड़ताल पर चले जाने से व्यवस्थाएं लड़खड़ा जाएंगी।
कर्मचारियों ने हड़ताल में ये रखी मांगे
1. प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारी, कर्मचारियों को नियमित करने, मिशन से हटाकर आउटसोर्स प्रथा में किए गए सपोर्ट स्टॉफ कर्मचारियों को पुन: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कर्ज किया जाए।
2. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा की गई 15 दिसंबर 2022 से 3 जनवरी 2023 तक अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान जिन कर्मचारियों पर पुलिस प्रकरण दर्ज किए गए हैं, उन्हें तत्काल वापस लिया जाए।
इनका कहना है
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। सोमवार से टीकाकरण अभियान शुरू किया था, लेकिन कर्मचारियों के काम बंद करने से टीकाकरण कार्य प्रभावित हुआ। हालांकि नियमित कर्मचारियों को लगाया गया है। जिले के सरकारी अस्पतालों में भी नियमित कर्मचारियों से कार्य करवाए जाएंगे।
एचपी सिंह, सीएमएचओ, जिला अस्पताल, हरदा
Published on:
24 Apr 2023 09:45 pm

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