6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अनदेखी: शिलालेखों में सांसद के नाम आज भी पुती कालिख

सांसद के नाम पर एक साल पहले कांग्रेसियों द्वारा पोती गई कालिख को आज तक नहीं मिटाया जा सका है।

2 min read
Google source verification
shilaleksh

बैतूल. सांसद के नाम पर एक साल पहले कांग्रेसियों द्वारा पोती गई कालिख को आज तक नहीं मिटाया जा सका है। शहर में लगे शिलालेखों में आज भी सांसद के नाम के ऊपर कालिख पुती हुई नजर आती है। सांसद के नाम पर पुती कालिख को अभी तक क्यों नहीं मिटाया गया इसको लेकर जहां प्रशासन चुपी साधे बैठा है। वहीं पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारी मामले में स्वयं को अंजान बताने में लगे हुए हैं। ऐसे शिलालेखों पर पुती यह कालिख जनप्रतिनिधियों की छवि को धूमिल कर रही है।
शहर के आधा दर्जन शिलालेखों में पोती गई कालिख
शहर में लगे करीब आधा दर्जन शिलालेखों में सांसद के नाम पर कालिख पोती गई है। बताया गया कि ५ मई २०१७ को उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा सांसद ज्योति धुर्वे का जाति प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिया गया था। जिसके बाद कांग्रेसियों ने सांसद के नाम से शहर में जहां-जहां शिलालेख लगे थे वहां जाकर सांसद के नाम पर कालिख पोत दी थी। उक्त वाक्ये को करीब एक साल का अरसा हो चुका है लेकिन अभी तक सांसद के नाम के सामने से कालिख हट नहीं सकी है।
मुझे जानकारी नहीं है
मुझे मामले की जानकारी नहीं है। मैं देखने के बाद ही इस बारे में कुछ बता पाऊंगा।
जितेंद्र कपूर, जिलाध्यक्ष भाजपा
भाजपाईयों को जानकारी नहीं
शिलालेखों में सांसद के नाम पर पोती गई कालिख को लेकर भाजपा के जनप्रतिनिधि हैरानी जताते हुए स्वयं को मामले से अंजान होना बता रहे हैं। जबकि मामला सोशल मीडिया में तूल पकड़ रहा है। वर्तमान में जो परिस्थितियां निर्मित है उससे सांसद की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में काफी आक्रोश व्याप्त है। हाल ही में आमला में रेलवे जीएम के आगमन के दौरान महिला कांग्रेस ने सांसद का पुतला दहन किया था। इसके पूर्व मांझी सरकार ने कार्यक्रम में शामिल नहीं होने पर सांसद का बहिष्कार कर दिया था।