20 साल से उठ रही मांग..भीमपुर, दामजीपुरा में उपज मंडी खोलने की मांग
बैतूल. भीमपुर दामजीपुरा क्षेत्र के जनजातीय किसानों की हालत कई वर्षो से खराब है। यहां किसानों की समस्या यह है कि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए 100 से 120 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ता है। क्षेत्र में कहने को तो किसान नेताओं की कमी नहीं हैं, लेकिन मंडी की कमी दूर करने कोई प्रयास नहीं कर रहे है। इससे किसानों में इन नेताओं के प्रति भी असंतोष बना है।
किसानों की समस्याओं को देखते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने गंभीरता से उठाते हुए राज्यपाल, मुख्य सचिव को ज्ञापन देकर जनजातीय कृषकों को आर्थिक हानि से बचाने भीमपुर दामजीपएुरा क्षेत्र में कृषि उपज मंडी खोलने की मांग की है। जिला अध्यक्ष हेमन्त सरियाम ने बताया कि अनुसूचित क्षेत्र विकासखंड भीमपुर' के क्षेत्र दामजीपुरा के आसपास लगभग 54 गांवों के जनजातीय सदस्यों को रबी और खरीब फसलों का विक्रय करने क्षेत्र से 110 किलोमीटर दूर कृषि उपज मंडी बैतूल, 95 किलोमीटर दूर कृषि उपजमंडी भैंसदेही , 120 किलोमीटर दूर कृषि उपजमंडी खंडवा और राज्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में मजबूर होकर जाना पड़ता है।
सारियाम ने बताया कि दामजीपुरा क्षेत्र में 20 वर्ष से कृषि उपजमंडी खोलने की मांग की जा रही है। दामजीपुरा क्षेत्र के कृषकों के प्रति राज्य सरकार की मंशा ही कुछ और है। उन्होंने बताया दामजीपुरा क्षेत्र में कृषि उपज मंडी खोलने के संबंध में प्रबंधन संचालक मप्र राज्य कृषि विपणन भोपाल को बैतूल कलेक्टर द्वारा संदर्भित पत्र के माध्यम से अवगत किया जा चुका है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर ऐसा लगता है। मप्र राज्य कृषि विपणन भोपाल जनजातीय सदस्यों को आर्थिक लाभ नहीं देना चाहता है। किसानों की इस समस्या को देखते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी व स्थानीय कृषक द्वारका नाथ उडके उपाध्यक्ष, उमराव उड्डके, रामलाल काकोड़िया ने राज्यपाल से भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दामजीपुरा क्षेत्र में कृषि उपजमंडी खोलने उचित कार्रवाई करने की मांग की।
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