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अपनों की मौत फिर भी नहीं मिला ‘संबल’

वर्ष 2019 के प्रकरण अभी तक लंबित, नगरपालिका ने भुगतान के लिए प्रकरण भेजे, लेकिन आज तक नहीं हुआ

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अपनों की मौत फिर भी नहीं मिला ‘संबल’

अपनों की मौत फिर भी नहीं मिला ‘संबल’

बैतूल. अपनों के खोने का दर्द लिए परिजन पिछले एक साल से बिलख रहे हैं। ऐसे में उनके आंसू सोखने की योजना संबल भी सहायता का मरहम नहीं लगा पा रही है। आपदा अनुग्रह अनुदान राशि के लिए परिजन संबल के भरोसे बैठे हैं, लेकिन संबल के इंतजार के सिवाए कुछ नहीं मिल पा रहा है। हम यहां बात कर रहे हैं आपदा और हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों की। हादसे में अन्य प्राकृतिक आपदा में मृत लोगों के लिए सरकार संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता राशि भी देती है, लेकिन जिले में कई परिवार ऐसे हैं जिनको योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
जनसुनवाई में शिकायत
परिवार में मुख्यिा की मौत के बाद परिजनों द्वारा संबल योजना में आवेदन करने के बाद भी सरकार की तरफ से कोई मदद हासिल नहीं हो सकी है। संबल के इंतजार के सिर्फ दिन भर कट रहे हैं। संबल योजना में अनुग्रह सहायता राशि नहीं मिलने पर कई लोगों ने जनसुनवाई में भी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई लेकिन शासन स्तर से राशि ट्रांसफार्मर होने का हवाला देकर उनकी सुनवाई को बंद कर दिया गया। इसी प्रकार सीएम हेल्पलाइन में भी लोग राशि नहीं मिलने की शिकायतें दर्ज करा चुके हैं पर यहां भी शिकायत एक लेवल से दूसरे लेवल तक पहुंच रही है निराकरण नहीं हो रहा।
92 लाख का इपीओ साइन कर भेजा
नगरपालिका ने संबल योजना के पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों की जांच करने के बाद राशि स्वीकृति के लिए ४३ लोगों की सूची बनाकर शासन को प्रेषित कर दी गई। सूची को भेजे गए करीब एक साल का अरसा हो गया है लेकिन अभी तक अनुग्रह सहायता राशि खातों में नहीं आ पाई है। इनमें ज्यादातर हितग्राही सामान्य मृत्यु वाले हैं। जबकि दुर्घटना में मौत के प्रकरणों की संख्या महज तीन बताई जाती है। नगरपालिका द्वारा स्थाई अपंगता के ४० प्रकरण बनाए हैं जिनमें दो लाख रुपए दिए जाने का प्रावधान है। वहीं दुर्घटना में मृत्यु होने वालों की संख्या २ हैं जिन्हें चार लाख रुपए दिए जाना हैं।
परिजन लगा रहे नपा के चक्कर
संबल योजन में अनुग्रह सहायता राशि के प्रकरण नगरपालिका के माध्यम से शासन को मंजूरी के लिए भेजे जाते हैं। इसलिए पिछले एक साल से राशि नहीं मिलने के कारण परिजन नगरपालिका के चक्कर काट रहे हैं। इनमें वर्ष २०१९ के ७ प्रकरण बताए जाते हैं। जिन्हें तो दो सालों से सहायता राशि नहीं मिली है। इसी प्रकार शेष २७ प्रकरण वर्ष २०२१ के और वर्ष २०२२ ९ प्रकरण बताए जाते हैं। इनमें भी प्रकरण को गए लंबा समय बीत चुके हैं लेकिन राशि जारी नहीं की गई। नपा का कहना है कि ईपीओ साइन कर उन्हें पेमेंट के लिए आगे फारवर्ड कर दिया है। राशि शासन स्तर से सीधे हितग्राही के खातें में ट्रांसफर की जाती है।
इसलिए हो रही राशि मिलने में लेटलतीफी
संबल योजना में डायरेक्ट बेनीफिशियर ट्रांसफर के तहत परिजनों के खातों में राशि डाली जाती है। शासन प्रदेश भर में एक साथ राशि परिजनों के खातों में जारी करता है। कोरोना संक्रमण की वजह से सरकार की वित्तीय स्थिति खराब होने के कारण पिछले एक साल से राशि परिजनों के खातों में नहीं डाली गई है। जिसके कारण परिजनों को राशि के लिए भागदौड़ करना पड़ रही है। इनमें कई परिजन ऐसे हैं जिन्होंने अब राशि मिलने की उम्मीद तक छोड़ दी हैं।
यह है योजना में राशि देने का प्रावधान
सामान्य मृत्यु होने पर दो लाख रुपए की राशि और दुर्घटना होने से मृत्यु होने पर चार लाख रुपए की राशि परिजनों को देने का प्रावधान है। स्थाई अपंगता पर दो लाख रुपए की अनुग्रह सहायता और आंशिक स्थाई अपंगता पर एक लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया है। वहीं कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ रमेश भाटिया का कहना है कि मृतकों को आश्रितों को दो साल बाद भी संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि नहीं मिली है।

नगरपालिका में अनुग्रह सहायता राशि के लिए जितने प्रकरण आए थे। सभी के दस्तावेजों की जांच करने के उपरांत ईपीओ साइन कर राशि भुगतान के लिए शासन को भेजा दिया गया है। राशि शासन से सीधे परिजनों के खातों में जारी होती है।
- अक्षत बुंदेला, सीएमओ नगरपालिका बैतूल