अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसल का सर्वें कराने की मांग को लेकर दामजीपुरा क्षेत्र से आए सैकड़ों किसान कलेक्टोरेट गेट पर धरने पर बैठ गए। किसान कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे। कलेक्टर के बाहर होने पर किसानों ने लिखित में सर्वें कराने का लिखकर देने की बात कही। जिसको लेकर गेट पर ही प्रदर्शन करते रहे।
बैतूल। अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसल का सर्वें कराने की मांग को लेकर दामजीपुरा क्षेत्र से आए सैकड़ों किसान कलेक्टोरेट गेट पर धरने पर बैठ गए। किसान कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे। कलेक्टर के बाहर होने पर किसानों ने लिखित में सर्वें कराने का लिखकर देने की बात कही। जिसको लेकर गेट पर ही प्रदर्शन करते रहे। जिससे कई बार अधिकारियों एवं किसानों में तकरार की स्थिति भी बनी। किसान लिखित में सर्वे करने का आदेश मिलने के बाद गेट से हटे। इसके पूर्व प्रदर्शन के लिए कलेक्टर कार्यालय आ रहे किसानों को अधिकारियों ने लाहोरी शेड के पास रोकने का प्रयास किया,लेकिन किसान नहीं रुके।
प्रभावित फसल लेकर पहुंचे ४० गांवों के किसान
चिल्लोर राजस्व मंडल के अंतर्गत दामजीपुरा सहित मंडल के पूरे ४० गांव के लगभग तीन सैकड़ा किसान अतिवृष्टि से प्रभावित सोयाबीन और मक्के की फसल हाथ में लेकर सर्वे कराने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। किसानों ने बताया कि अतिवृष्टि से किसानों के खेत में पानी भर गया है। मक्का और सोयाबीन की फसल पूरी तरह खराब हो गई है। किसानों ने फसल का सर्वें कराने की मांग की। इसको लेकर किसानों और प्रशासन के बीच कई बार तकरार की स्थिति बनी। किसान कलेक्टोरेट गेट के सामने कलेक्टर से मिलने की जिद लेकर बैठ गए। जिससे आवागमन भी बंद हो गया। एसडीएम राजीव रंजन पांडे,तहसीलदार राजेन्द्र जैन से फसल सर्र्वे का लिखित में लेकर रही माने। इसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त किया।
पुलिस ने किया किसानों को रोकने का प्रयास
किसान पहले ही कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। अन्य किसान जो कि पीछे रह गए थे, उन्हें पुलिस और प्रशासन ने लाहोरी शेड के पास रोकने का प्रयास किया। किसान नहीं माने और निकल गए। एसडीएम,तहसीलदार, एसडीओपी किसानों को रोकने में नाकाम रहे हैं। किसानों के पीछे-पीछेे अधिकारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने कलेक्टर कार्यालय का एक गेट भी बंद कर दिया। किसान दूसरे गेट पर धरने पर बैठ गए।
यह दिया लिखकर
प्रभारी तहसीलदार भीमपुर ने सभी पटवारी और निरीक्षक को पत्र लिखकर अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का सर्वे कराने के आदेश दिए हैं। सर्वे की रिपोर्ट तीन दिन में न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए लिखा है। प्रभारी तहसीलदार ने यह आदेश निकाला और इसकी प्रति बैतूल भिजवाई। जिसके बाद अधिकारियों ने सड़क पर कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े किसानों को दी। जिसके बाद किसान माने और फिर सड़क से उठे।