
बैतूल। पश्चिम वन मंडल के अंतर्गत गवासेन रेंज में सरकारी सागौन चोरी का गंभीर मामला सामने आया है। सागौन पर लगे वन विभागीय हैमर (मोहर) की जांच में यह साफ हो गया है कि चोरी की गई लकड़ी कुरसना कूप की है। माफिया पिकअप वाहन में 13 सागौन के ले भरकर फरार हो रहे थे, लेकिन रास्ते में वाहन का टायर फटने से उनकी साजिश नाकाम हो गई और आरोपी वाहन व सागौन मौके पर ही छोडकऱ भाग निकले। इस पूरे मामले ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, कुरसना कूप में बीते करीब 20 दिनों से वन विभाग द्वारा सरकारी सागौन की कटाई कराई जा रही थी। कटाई के बाद सागौन के लों को सडक़ किनारे एकत्र कर सुरक्षा में रखा गया था। सोमवार देर रात वन माफिया मौके पर पहुंचे और सुरक्षा में रखे 13 सागौन ले पिकअप में भरकर ले गए। हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद ड्यूटी पर तैनात वन कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सागौन से भरी पिकअप हरदा जिले की ओर ले जाई जा रही थी। इसी दौरान हरदा के टेमागांव रेंज के उसकल्ली फूटान के समीप पिकअप का टायर अचानक फटने से यह पलट गया। वाहन खराब होते ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। कुछ समय बाद जब वन विभाग को सूचना मिली तो टीम मौके पर पहुंची और वाहन सहित सागौन के लों को जब्त कर लिया गया।
पिकअप वाहन पर नंबर था गलत
आरोपियों द्वारा जिस पिकअप से सागौन चोरी कर ले जाया जा रहा था इसका नंबर गलत था। वाहन मालिक की पहचान के लिए आरटीओ से मदद ली जा रही है। इस संबंध में पश्चिम वन मंडल के प्रभारी डीएफओ नवीन गर्ग ने आरटीओ को पत्र लिखकर पिकअप मालिक की जानकारी मांगी है। डीएफओ गर्ग ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किया है।
कुरसना कूप प्रभारी को किया निलंबित
प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर वनरक्षक व कुरसना कूप के प्रभारी संतोष मर्सकोले को निलंबित कर दिया गया है। डीएफओ ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं। इस सागौन चोरी में हरदा के कुख्यात बिश्नोई गैंग की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है और वन विभाग इस एंगल से भी आरोपियों की तलाश में जुटा है।
वन कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
सरकारी सागौन की सुरक्षा में इस तरह की चूक ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस संगठित चोरी में और कौन-कौन जिम्मेदार है।
Updated on:
14 Jan 2026 09:04 pm
Published on:
14 Jan 2026 09:03 pm

बड़ी खबरें
View Allबेतुल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
