अवैध खनन के विरोध में कलक्ट्रेट पर दो घंटे गूंजा राधे-राधे, मांगे नहीं मानने पर साधु-संतों का होगा जयपुर कूच

अवैध खनन के विरोध में कलक्ट्रेट पर दो घंटे गूंजा राधे-राधे, मांगे नहीं मानने पर साधु-संतों का होगा जयपुर कूच

abdul bari | Publish: Jun, 18 2019 07:55:23 PM (IST) | Updated: Jun, 18 2019 08:11:22 PM (IST) Bharatpur, Bharatpur, Rajasthan, India

धार्मिक महत्व के पर्वतों पर अवैध खनन ( Illegal mining ) के विरोध में प्रदर्शन-एडीएम प्रशासन के साथ हुई संतों की नोंकझोंक

भरतपुर.
कलक्ट्रेट परिसर मे करीब दो घंटे तक राधा नाम संकीर्तन चलता रहा। यह मौका कोई धार्मिक कार्यक्रम का नहीं था, बल्कि नगर तहसील के गांव नांगल, बुआपुर गढ़ी, ककराला, कोडली व डाबक के अलावा धार्मिक महत्व के पर्वतों पर खनन ( illegal mining ) के विरोध में था।

उत्तरप्रदेश के मानमंदिर गहवरवन बरसाना से आए साधु-संत ( monk-saint ) व पाठशाला के बच्चों ने जिला कलक्ट्रेट आते ही राधा नाम संकीर्तन शुरू कर दिया और धरने पर बैठ गए। इतने में ही भजन-कीर्तन की आवाज सुनकर अधिकारी-कर्मचारी भी निकल आए। जिला कलक्टर ने कोर्ट में होने की बात कहकर एडीएम प्रशासन से मिलने को कहा। जहां एडीएम प्रशासन व उपखंड अधिकारी ने ( Bharatpur news ) काफी देर तक साधु-संतों के साथ वार्ता की। उनके बीच वहां भी नोंकझोंक हो गई।

Illegal mining in bharatpur

.. नहीं तो जयपुर कूच किया जाएगा


मानमंदिर गहवरवन बरसाना के कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने एडीएम प्रशासन को बताया कि नवंबर 2009 में विश्वभर के कृष्णभक्तों की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने कामां व डीग तहसील में पड़ रहे ब्रज के पर्वतों को संरक्षित वन क्षेत्र घोषित कर दिया। तब स्थानीय प्रशासन की जानकारी के अभाव के कारण उक्त ब्रज क्षेत्र में शामिल महत्वपूर्ण पर्वत कनकांचल व आदिब्रदी का कुछ हिस्सा वन क्षेत्र घोषित होने से वंचित रह गया। नगर तहसील के गांव नांगल, बुआपुरगढ़ी, कोरली, बेगपहाड़ी, रसूलपुर, ककराला आदि में पड़ रहे आदिब्रदी पर्वत के छूटे हुए हिस्से व तहसील पहाड़ी में पड़ रहे कनकांचल पर्वत के छूटे हुए टुकड़े ब्रज क्षेत्र का अभिन्न अंग हैं। इनको वन क्षेत्र घोषित कराने की मांग सालों से की जा रही है, लेकिन प्रशासनिक व संबंधित विभाग के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जून 2012 के तत्कालीन जिला कलक्टर गौरव गोयल की ओर से कनकांचल पर्वत पर अवैध खनन ( Illegal Mining in Rajasthan ) कार्य बंद कराने के लिए उसकी सीमा से लगे 14 गांवों को वन विभाग में स्थानांतरित करने के लिए अनुशंषा की गई थी। उस पर भी राज्य सरकार की ओर से कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद नगर तहसील के छह गांव ककराला, रसूलपुर, बुआपुरगढ़ी, कोरली, नांगल, रूपवास व बेगपहाड़ी को भी अवैध खनन की रोकथाम के लिए वन क्षेत्र में शामिल करने की अनुशंषा संभागीय आयुक्त ने की थी। संबंधित खननकर्ता के खिलाफ कैथवाड़ा थाने में भी मुकदमा दर्ज है, लेकिन पुलिस रसूख के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर पांच दिवस में खननकर्ता को गिरफ्तार कर उसकी लीज को निरस्त नहीं किया गया तो साधु-संतों की ओर से जयपुर कूच किया जाएगा।


संत बोले: डर के कारण कलक्टर ने बोला झूठ

साधु-संतों ने बताया कि जब वह कलक्ट्रेट पहुंचे तो जिला कलक्टर डॉ. आरुषि अजेय मलिक चैंबर में ही बैठी हुई थीं। लेकिन उन्होंने कोर्ट में व्यस्त होने का संदेश भिजवाया और एडीएम प्रशासन से वार्ता करने को कहा। जबकि जिला कलक्टर को ही खुद इस प्रकरण में वार्ता करनी चाहिए थी, वह सवालों के जबाव देने से कतराने के कारण उनसे नहीं मिलीं। जब इस मामले को एडीएम प्रशासन से पूछा तो उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर कोर्ट में ही थीं। हमने साधु-संतों को संबंधित ब्रज क्षेत्र के पर्वतों ( Illegal mining in bharatpur ) को वन क्षेत्र घोषित करने की अनुशंषा करने व थाने में दर्ज प्रकरणों में कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।

 

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