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ओडिशा की बुजुर्ग मां की करुण पुकार, मीडिया से बोली मेरे इकलौते बेटे को बेटी-दामाद ने मार डाला

ओडिशा की लीलावती यादव अपने इकलौते बेटे इंजीनियरिंग छात्र ऋषिकेश (30) के हत्यारों को पकडऩे की गुहार आईजी और एसएसपी से लगा रही है।

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Bhilai crime

बुजुर्ग मां की करुण पुकार, मीडिया से बोली मेरे इकलौते बेटे को बेटी-दामाद ने मार डाला

भिलाई. झारसुगुड़ा एकाताली रोड ओडिशा की रहने वाली लीलावती यादव यहां पुलिस अफसरों के दफ्तरों का चक्कर काट रही है। वे अपने इकलौते बेटे इंजीनियरिंग छात्र ऋषिकेश (30) के हत्यारों को पकडऩे की गुहार आईजी और एसएसपी से लगा रही है। लीलावती का कहना है कि उसके बेटे की मौत दुर्घटना में नहीं हुई है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। हत्यारा भी कोई और नहीं उसकी अपनी सगी बेटी और दामाद हैं। पुलिस अधिकारियों से जब कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो लीलावती ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में अपनी पीड़ा बताई।

सरिता चाहती थी कि मैं संपत्ति उसके नाम कर दूं
अपना दर्द बयां करते हुए लीलावती फफक पड़ीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में उसका बेटा बिना बताए घर से कहीं चला गया। आज तक उसकी कोई खबर नहीं है। रेलवे में सिविल इंजीनियर रहे पति महेन्द्र यादव की वर्ष २०१३ में हार्ट अटैक से निधन हो गया। बेटी सरिता की शादी हो चुकी है। वह बिलासपुर में रेलवे क्वार्टर में अपने पति अरविंद यादव के साथ रहती है। पति की मौत के बाद सरिता चाहती थी कि मैं संपत्ति उसके नाम कर दूं या फिर अनुकंपा नियुक्ति उसे दिलाऊं। मैंने दोनों बातों से इनकार कर दिया।

आशीष सुपेला थाने में एसआई और उसकी पत्नी नीलिमा राजनांदगावं में आरक्षक

अनुकंपा नियुक्ति के लिए ऋषिकेश के आवेदन पर दस्तखत कर दी। उस समय ऋषिकेश दसवीं की पढ़ाई कर रहा था। बाद में दामाद अरविंद यहां भिलाई के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में डोनेशन देकर उसे एडमिशन दिलवाया। ऋषिकेश ही उसका एकमात्र सहारा था। ऋशिकेश यहां दामाद अरविंद के छोटे भाई आशीष यादव की देखरेख में रहता था। आशीष यहां सुपेला थाने में एसआई और उसकी पत्नी नीलिमा राजनांदगावं में आरक्षक है। लीलावती का आरोप है कि उसके बेटे की हत्या के षडयंत्र में ये सभी शामिल हैं।

बेटे का चेहरा तक देखने नहीं दिया कर दिया अंतिम संस्कार
लीलावती ने बताया कि 22-23 फरवरी की दरमियानी रात 2 बजे दामाद अरविंद ने उसे फोन पर बेटे ऋषिकेश के दुर्घटना में मौत होने की सूचना दी। उसे सीधे बिलासपुर आने कहा गया। वे बदहवाश बिलासपुर पहुंची। एक दिन बाद २४ फरवरी की शाम को ऋषिकेश का शव घर पहुंचा, लेकिन बेटे का मुंह दिखाए बगैर ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

बेटी और दामाद पर इसलिए आरोप लगा रही है बुजुर्ग मां

0-मां की बिना अनुमति से बेटे ऋषिकेश का पोस्टमार्टम कर दिया गया।
0-दामाद ने शव का एक पैर और सिर नहीं होने की जानकारी दी, लेकिन पीएम के पूर्व की फ ोटो में सिर और पैर दोनों नजर आ रहे हैं।
0-बेटे के मोबाइल में ४६ सेकंड की वाइस रिकार्डिंग मिली है, जिसमें वह शोर मचा रहा है उसे कोई मार रहा है।
0-मोबाइल कॉल डिटेल में २२ व २३ फरवरी घटना की रात स्मृति नगर जहां ऋषिकेश किराए के मकान में रहता था, आस- पास दामाद अरविंद और उसके भाई आशीष का मोबाइल लोकेशन मिला।