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बाल संप्रेक्षण गृह के अपचारी बालक फिल्में देखकर बन गया सीरियल लुटेरा

पुलिस की नाक में दम करने वाला एक नाबालिग सीरियल लुटेरा पकड़ में आ गया है। वह महिलाओं को निशाना बनाता था। उसने लूट की 10 वारदात कबूल की हैं।

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Durg crime

बाल संप्रेक्षण गृह के अपचारी बालक फिल्में देखकर बन गया सीरियल लुटेरा

भिलाई. पुलिस की नाक में दम करने वाला एक नाबालिग सीरियल लुटेरा पकड़ में आ गया है। वह महिलाओं को निशाना बनाता था। उसने लूट की 10 वारदात कबूल की हैं। आरोपी के कब्जे से 8 मंहगे फोन, पॉवर बैंक, 8 लेडीज पर्स, ग्रामीण बैंक की पासबुक, बैंक चाबी, अन्य दस्तावेज और एक बाइक बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ चोरी का जुर्म दर्ज किया है।

लुटेरा बटालियन और आईजी बंगला रोड पर ही वारदात को अंजाम दे रहा
सेक्टर 6 पुलिस कंट्रोल रूम में गुरुवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी नाबालिग सेक्टर 9 में रहता है। लगातार 10 वारदात से पुलिस हैरान थी। हर वारदात की स्टडी की तब मालूम चला कि लुटेरा बटालियन और आईजी बंगला रोड पर ही वारदात को अंजाम दे रहा है। वारदात का तरीका और समय के आधार पर छह स्थानों पर एंबुश लगाया गया। गुरुवार रात आरोपी बाइक खड़ी करके एक झाड़ी के पास खड़ा था। उसकी संदिग्ध गतिविधि को देखकर सीसीटीवी फुटेज से उसके हुलिए का मिलान किया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह हड़बड़ा गया। तलाशी में उसके पास से दो मोबाइल बरामद हुए। सख्ती करने पर उसने १० वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया और बताया कि वह पहले चोरी के मामले में पकड़ा जा चुका है। मोहन नगर, दुर्ग और भिलाई नगर थाना क्षेत्रों से 10 मोटर साइकिल चोरी की थी। उसके खिलाफ चोरी का जुर्म दर्ज कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया था।

बाल संप्रेक्षण गृह में सुधरने की बजाय और बिगड़ गया
आरोपी ने बताया कि बाइक चोरी के मामले में बाल संप्रेक्षण गृह से बंद था। वहीं अन्य अपचारियों से चर्चा होती थी। पर्स झपटमारी को आसान बताते थे। जब वहा से छूटकर घर आया। साउथ फिल्में देखने लगा। उसी से पर्स झपटमारी की प्रेरणा मिली। इसके बाद स्कूटर सवार महिलाओं की रेकी करने लगा, जो महिलाएं स्कूटर के सामने बैग रखकर चलती थी। उन्हीं का पर्स झपटना शुरू किया। ८ अगस्त को डीपीएस स्कूल से छुट्टी के बाद रिसाली निवासी इंदू इंदोरिया रिसाली अपने घर जा रही थी। उसका पर्स छीना। फिर गुंडरदेही से लौट रही बैंककर्मी का बैग सेक्टर ९ सेंट्रल एवेन्यू रोड पर झपटा। फिर उसे यह आसान लगने लगा। एक बार वह गिर गया था। फिर भी उसे कोई पकड़ नहीं पाया था।

एएसपी की पूछताछ में बर्थ डे और गर्लफ्रेंड के नाम पर रो पड़ा आरोपी
एएसपी विजय पांडेय ने मीडिया के सामने आरोपी से पूछा कि ऐसा क्यों करते हो? आज तुम्हारा जन्मदिन है। परिवार के साथ खुशी मनाते, लेकिन अब जेल जाओगे। इसपर वह फफककर रोने लगा औैर बताया कि गर्ल फे्रंड को खुश करने के लिए चोरी करने लगा। जो भी हाथ लगता उसको गर्ल फेंड पर खर्च करता। एएसपी ने थाने में उसका जन्मदिन मनाने को कहा।

एक ही रोड पर वारदात क्यों
आईजी बंगला गैरेज रोड और बटालियन रोड को अपने लिए सेफ मानकर वह वारदात करने लगा। यहां सड़क किनारे बड़ी बड़ी झाडिय़ा थीं। भागने के कई रास्ते थे। वारदात के बाद वह मौके से चकमा देकर निकलता और वाइशेप ब्रिज से सीधे अपने घर पहुंच जाता। थाना क्षेत्र से तीन आवेदन मिले थे। भिलाई नगर थाना में 4 मामले शिकायत आई थी। इसके बाद तीन नए मामलों की शिकायत मिली। 8 अगस्त से पुलिस उसके पीछे लगी हुई थी।

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